कुरुक्षेत्र/इस्माईलाबाद। अमेरिका भेजने के नाम पर 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने एक एजेंट के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपी एजेंट ने शिकायतकर्ता के बेटे को जायज तरीके से अमेरिका भेजने का झांसा दिया था, मगर आरोपी उसे दूसरे देशों में घुमाता रहा। बाद में उसे दुबई भेज दिया, जहां से उसे भारत डिपोर्ट करके भेज दिया।
थाना इस्माईलाबाद में दर्ज शिकायत में सुरिंद्र सिंह निवासी जोधपुर जिला अंबाला ने बताया कि अक्तूबर 2022 में उसके मौसेरे भाई ने उसकी मुलाकात राजबीर सिंह से कराई, जिसने उसके बेटे जश्नप्रीत सिंह को 45 लाख रुपये में जायज तरीके से अमेरिका भेजने का आश्वासन दिया था। आरोपी ने आधी रकम उससे एडवांस मांगी थी। आरोपी ने बताया था कि वह पहले उसके बेटे को इंग्लैंड भेजेगा, वहां से मैक्सिको के रास्ते से अमेरिका में वैध तरीके से प्रवेश करवा देगा। उसकी बातों में आकर उसने अपने बेटे के सभी कागजात व साढे़ चार लाख रुपये आरोपी दे दिए। फरवरी 2023 में आरोपी ने फोन पर बताया कि उसके बेटे का इंग्लैंड का वीजा आ गया है तथा आरोपी ने 20 लाख रुपये मांगे, साथ ही पांच हजार यूएस डॉलर लेकर आने को कहा। उसने 10 लाख रुपये और पांच हजार डॉलर देकर आरोपी को भेज दिया। आरोपी ने यह रकम लेने के बाद उससे और 10 लाख रुपये मांगे और बताया कि उसका वीजा और टिकट दिल्ली पड़ा है।
22 फरवरी को वे दिल्ली पहुंचे तो वहां पर आरोपी का साथी गगनदीप सिंह मिला, जिसने वीजा और पासपोर्ट दिया। उन्होंने पासपोर्ट देखा तो उस पर इंग्लैंड की जगह उज्बेकिस्तान का वीजा लगा था। पूछने पर उसने बताया कि उज्बेकिस्तान होकर इंग्लैंड जाएगा। उसकी बातों पर विश्वास करके उसने अपने बेटे को उज्बेकिस्तान की फ्लाइट में चढ़ा दिया। आरोपी ने उसके बेटे को एक महीने तक उज्बेकिस्तान के होटल में बिठाकर रखा। आरोपी इंग्लैंड, मैक्सिको के रास्ते अमेरिका भेजने का आश्वासन देता रहा। एक महीने बाद आरोपी ने उसके बेटे को वापस भारत बुला लिया। पूछताछ करने पर आरोपी ने कहा कि वह दूसरे रास्ते से उसके बेटे को अमेरिका पहुंचाएगा। उसके बाद आरोपी ने उसके बेटे को 18 जून को लाऊस की फ्लाइट में चढ़ा दिया। उस समय भी उससे 5000 डॉलर के लिए साढ़े चार लाख रुपये जमा करवाए। लाऊस देश में उसके बेटे को दो महीने रखा। फिर आरोपी ने कहा कि आगे अमेरिका की एयर टिकट काफी महंगी हो गई है।
वह 10 लाख रुपए जमा करवा दे, नहीं तो उसके बेटे को कई महीने इसी देश में रुकना पड़ेगा। वह उसकी बातों में आ गया और 10 लाख रुपए दिए। उसके बाद भी आरोपी टालमटोल करता रहा कि उसके बेटे को अमेरिका भेज देगा। फिर आरोपी ने तीन लाख रुपये लेकर उसके बेटे को अमृतसर से दुबई भेजा, यहां आरोपी ने फर्जी तरीके से उसके बेटे को सर्बिया का वीजा लगाकर भेजने की कोशिश की। यहां पुलिस ने उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया और अदालत ने तीन महीने की सजा सुनाई। तीन महीने के बाद 14 हजार दराम का जुर्माना भरा। फिर आरोपी ने दोबारा उसे जेल से छुड़ाकर अमेरिका भेजने का दावा किया। इस एवज में आरोपी ने उससे साढ़े 11 लाख रुपये और हड़प लिए। बाद में उसके बेटे को दुबई से डिपोर्ट कर दिया गया। रुपये वापस मांगने पर आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।