कुरुक्षेत्र। दयानंद महिला महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई तथा राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में यूथ फाॅर माय भारत एंड डिजिटल लिटरेसी विषय पर विश्वविद्यालय स्तरीय सात दिवसीय एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) शिविर के तीसरे दिन का शुभारंभ योग-प्राणायाम तथा ऐरोबिक्स के साथ हुआ। राज्यस्तरीय राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ, उच्चतर शिक्षा विभाग के सौजन्य से आयोजित शिविर के प्रथम चरण में डाॅ. नरेश, सहायक प्रो.जियोलाॅजी, कुवि ने मुख्य वक्ता के रूप में तालाब प्रबंधन विषय पर कहा कि आधुनिक जीवन में गहराते जलसंकट के कारण तालाबों का प्रबंधन करना अति आवश्यक हो गया है।
यह तालाबों के रख रखाव की सतत प्रक्रिया है जिसमें वर्षा जल संचयन, जल की गुणवत्ता, मत्स्य पालन, जलीय जीवों का संरक्षण, जल प्रदूषण की रोकथाम तथा जल शुद्धिकरण आदि विषयों पर ध्यान दिया जाता है।
दूसरे वक्ता डाॅ. जसविंद्र, सहायक प्रो.वाणिज्य विभाग काॅमर्स, आईआईएचएस कुवि ने स्वदेशी की महत्ता विषय के अंतर्गत अपने देश में बने उत्पादों के उपयोग एवं उपभोग पर बल दिया। उन्होंने देश की आर्थिक व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए भी विदेशी वस्तुओं पर कम से कम निर्भर रहने तथा हस्तशिल्प के द्वारा ग्रामीण उद्योगों कोे बढ़ावा देने के लिए स्वयं सेविकाओं को प्रेरित किया। तत्पश्चात् स्वयं सेवा योजना के तहत नारी सशक्तिकरण’ विषय पर भाषण तथा कविता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
महाविद्यालय की प्राचार्य डाॅ. उपासना आहूजा ने महिलाओं की शिक्षा, उन्नति तथा उत्थान के लिए सभी को प्रेरित किया। इस अवसर पर प्राचार्य ने स्वयं सेविकाओं को एक प्रेरणादायी गीत के माध्यम से संघर्ष पूर्ण स्थितियों में सदैव डटकर मुकाबला करने, मुस्कुराते खिलखिलाते एवं सकारात्मक रहने का संदेश दिया।