कुरुक्षेत्र। कहा जाता है कि लक्ष्य तय हो और कड़ी मेहनत की जाए तो सफलता कदम चूमती है। ऐसा ही कर दिखाया है दिल्ली विश्वविद्यालय में लॉ की पढ़ाई कर रहे अविनाश पजेंटा ने।
मूल रूप से नरवाना जिला जींद के गांव गुरसर के रहने वाले व पिछले करीब 15 साल से धर्मनगरी के सेक्टर चार में रह रहे अविनाश पजेंटा पिछले तीन साल से परीक्षा की तैयारी के लिए पांच घंटे तक हर रोज पढ़ाई कर न केवल एचसीएस परीक्षा में टॉप 20 में अपना नाम दर्ज कराकर अधिकारी बने हैं बल्कि अपने पिता प्रो. आदर्श पजेंटा का भी सपना पूरा किया है। आदर्श पजेंटा करनाल के पंडित चिंरजीलाल राजकीय महाविद्यालय में कंप्यूटर साइंस के प्रोफेसर है। अविनाश की मां शालिनी लाडवा के सरकारी स्कूल में पीजीटी है। वीरवार शाम को जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुआ तो अविनाश के घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया, जो शुक्रवार को भी जारी रहा।
अपनी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए अविनाश पजेंटा बताते हैं कि उन्होंने ग्रेजुएशन ऑनर्स पंजाब विश्वविद्यालय से की थी, जिस दौरान ही उन्होंने तय कर लिया था कि सिविल सर्विस में जाकर अधिक से अधिक लोगों के लिए काम करने का मौका मिल सकता है।
पिता प्रो. आदर्श पजेंटा का भी सपना था कि वे बड़े अधिकारी बनें। इसी के चलते ही उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में तीन साल पहले लॉ में दाखिला लिया तो साथ ही इस लक्ष्य को हासिल करने की तैयारी भी शुरू कर दी। इसी के चलते ही वे हर रोज सुबह चार बजे उठते थे और लगातार करीब पांच घंटे तक इसी परीक्षा की तैयारी करते थे।