कुरुक्षेत्र। कार्यशाला में हिस्सा लेते विद्यार्थियों को आईजीएन कॉलेज के शिक्षक और विद्यार्थी।
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लाडवा। इंदिरा गांधी नेशनल (आईजीएन) कॉलेज में बुधवार को एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। वाणिज्य विभाग के सहयोग से लगी कार्यशाला का विषय लाइब्रेरी संसाधनों के माध्यम से वाणिज्य शिक्षा को सुदृढ़ बनाना रहा। इस दौरान ई-बुक्स, ई-जर्नल्स, ऑनलाइन डेटाबेस और रिसर्च टूल्स के महत्व पर प्रकाश डाला गया। बतौर मुख्य अतिथि लाइब्रेरियन डॉ. रूपेश गौड़ ने कहा कि डिजिटल संसाधनों के माध्यम से विद्यार्थी नवीनतम व्यापारिक जानकारी, वित्तीय रिपोर्ट्स, मार्केट ट्रेंड्स और शोध सामग्री तक आसानी से पहुंच सकते हैं, जो वाणिज्य शिक्षा को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाती है। प्राचार्य प्रो. कुशल पाल ने बताया कि डिजिटल युग में लाइब्रेरी केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं बल्कि ज्ञान का एक समग्र केंद्र बन चुकी है। ई-रिसोर्सेज का अधिकतम उपयोग कर ज्ञान-कौशल का विकास करें और ऐसी शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाएं। वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक वर्मा ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक और शोध कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर डॉ. सुनीता रानी, डॉ. नीरू बाला, डॉ. नीति गोयल और डॉ. वंदना गुप्ता सहित अन्य मौजूद रहे।
कुरुक्षेत्र। कार्यशाला में हिस्सा लेते विद्यार्थियों को आईजीएन कॉलेज के शिक्षक और विद्यार्थी।- फोटो : Archive