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पंचायती जमीन से गेहूं कटवाकर लिया कब्जा 

Fri, 22 Apr 2016 01:24 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/अंबाला
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अ‌िततिक्रकमण्‍ा - फोटो : अमर उजाला
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नारायणगढ़ के  गांव लालपुर की पंचायती जमीन को दस साल बाद प्रशासन ने  कब्जे से छुड़वाने में सफलता हासिल की है। वीरवार को उपायुक्त के आदेशों पर प्रशासनिक अधिकारियों ने पंचायती जमीन में खड़े गेहूं को कटवाकर कब्जे में ले लिया है। इस दौरान गांव में थोड़ा तनाव रहा, लेकिन भारी पुलिस बल ने स्थिति काबू में रखी।
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हालांकि कब्जाधारियों ने प्रशासनिक कार्यवाही का विरोध किया था लेकिन वह कोई ठोस तथ्य पेश नहीं कर सके। फिलहाल गेहुं बेचकर जो राशी मिलेगी उसे सरकारी खाते में जमा करवा दिया जाएगा।
ग्राम पंचायत लालपुर ने उपायुक्त अंबाला को शिकायत देकर कहा था कि पिछले 10 सालों से पंचायत की 18 एकड़ जमीन पर गंाव के ही कुछ लोग कब्जा किए हुए हैं। जिसके कारण पंचायत को हर वर्ष लाखों रूपए का नुकसान हो रहा है। कब्जाधारियों ने न तो जमीन को ठेके पर लिया हुआ और नही वह गांव के किसी अन्य व्यक्ति को जमीन में घुसने देते हैं।
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सरपंच बनारसी दास ने बताया कि कुछ लोग जबरन जमीन पर कब्जा किए हुए हैं और अदालत व एफसीआर पंचायत के हक में फैंसला भी दे चुके हैं। बावजूद इसके भू-माफिया जमीन को छोडने के लिए तैयार नहीं है। डीसी के आदेशों पर बीड़ीपीओ नारायणगढ़ मार्टिना महाजन को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। गुरूवार को भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों को देख-रेख में कम्बाईन द्वारा पंचायती भूमि से गेहूं कटवा दी गई है।

उधर, ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दस सालों से कब्जाधारी राजनैतिक पंहुच का फायदा उठाकर जमीन हर वर्ष लाखों रूपए के वारे-न्यारे करते रहे हैं। हर बार अधिकारियों के सामने गलत तथ्य पेश कर फसल काट ली जाती थी। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायती जमीन में साढ़े चार एकड़ जमीन एससी, बीसी के लिए रिजर्व है जिसे वह ही ठेके पर ले सकते हैं। कब्जाधारी 10 सालों तक ग्रामीणों के हकों पर डाका डालते रहे हैं।


उधर बीडीपीओ मार्टिना महाजन का कहना था कि उपयाुक्त महोदय के आदेशों पर कार्यवाही की गई है। पंचायती जमीन केवल पंचायत की है, इस पर केवल पंचायत का अधिकार है। ग्राम पंचायत की जमीन से गेहूं कटवाकर बेची जाएगी और इससे जो भी आमदनी होगी वह फिलहाल सरकारी खाते में जमा करा दी जाएगी।
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