कुरुक्षेत्र। लाडवा थाने में एक निजी बैंक में काम करने वाले युवक की पिटाई और यौनशोषण के मामले में पीड़ित की मां व चाचा ने आरोप लगाया है कि लाड़वा पुलिस घर में घुसकर उनके परिवार को प्रताड़ित कर रही है। आरोप है कि पुलिस कभी दोपहर में तो कभी देर रात को उनके घर दो तीन गाड़ियां लेकर आती है और संदूक व अन्य सामान को बिखेर कर चली जाती है। पुलिस की ओर से समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है। इसके अलावा कुछ पुलिसकर्मी देर रात अस्पताल पहुंचकर पीड़ित को परेशान कर रहे हैं।
वहीं पीड़ित से मिलने के लिए विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठन पहुंच रहे हैं। शनिवार को एसआईटी ने तीनों आरोपियों को जांच में शामिल कर उनका मेडिकल करवाया। एक तरफ रविवार को पुलिस मेडिकल रिपोर्ट मिलने का इंतजार करती रही तो दूसरी तरफ पीड़ित ने समाज के लोगों व बसपा के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. कृष्ण जमालपुर के साथ बोर्ड द्वारा किए गए मेडिकल की रिपोर्ट ली।
इसके बाद आरोप लगाया कि पुलिस मामले में रिपोर्ट न मिलने का हवाला दे रही है व जानबूझ कर मामले की जांच धीमी गति से कर रही है। अस्पताल पहुंचे बसपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कृष्ण जमालपुर ने कहा कि पीड़ित वर्ग की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वह खुद पुलिस व चिकित्सकों से मामले की जानकारी लेने गए, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जानकारी नहीं मिल पाई। साथ ही आरोप लगाया कि सरकार अपनी साख बचाने के लिए हर मामले को नया रूप दे देती है। वह आरोपियों को बचा लिया जाता व पीड़ित को दबा दिया जाता है। ऐसा ही अस्पताल में नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में हुआ। सरकार ने मामले को रेखा गुप्ता बनाम नर्स कर दिया। जबकि मामला नाबालिग से दुष्कर्म का था, जिसमें अब तक कोई संतोषजनक जांच पुलिस नहीं कर पाई है।