कुरुक्षेत्र। जिले के लिंगानुपात मामले में साल 2023 में पांच पायदान का सुधार हुआ है। साल 2022 में प्रदेश में जिला कुरुक्षेत्र 20वें पायदान पर था। दो साल पहले साल 2022 में जिले का लिंगानुपात 893 पर था। एक वर्ष बाद यह लिंगानुपात 906 तक पहुंच गया। इस वर्ष में कुरुक्षेत्र में कुल 15 हजार 115 बच्चों का जन्म हुआ, जिसमें 7930 लड़के और 7185 लड़कियां शामिल है। हालांकि चार साल पहले 2020 में जिला कुरुक्षेत्र लिंगानुपात के मामले में प्रदेश भर में चौथे स्थान पर था। उस समय यहां प्रति एक हजार लड़कों के पीछे 938 लड़कियां थी, मगर इसके अगले ही साल जिले में लिंगानुपात के समीकरण बिगड़ते गए।
उसके बाद जिला कुरुक्षेत्र लगातार नीचे ही खिसकता गया। इसके पीछे एक बड़ा कारण कोरोना महामारी को माना जा रहा है। साल 2021 में कुरुक्षेत्र टॉप 10 में शामिल रहा। इस साल कुरुक्षेत्र का सातवें स्थान पर था, मगर साल 2022 में कुरुक्षेत्र प्रदेश के 22 जिलों में से 20 स्थान पर पहुंच गया था। साल 2022 में चार साल के मुकाबले सबसे कम लिंगानुपात दर्ज किया गया। हालांकि अब जिला लिंगानुपात में 15वें स्थान पर पहुंच गया है।
जनवरी 2023 में जिले में 907, फरवरी में 968, मार्च में 963, अप्रैल 952, मई में 939, जून में 928, जुलाई में 927, अगस्त और सितंबर में 920, अक्तूबर में 918, नवंबर का 912 तथा दिसंबर में 906 लड़कियां पैदा हुईं। वहीं जिला स्वास्थ्य विभाग लिंगानुपात को बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रहा है। इसमें सीएचसी और पीएचसी स्तर पर लिंगानुपात अधिक होने पर 10वीं कक्षा की परीक्षा में पहले तीन स्थान पर आने वाली छात्राओं को नकद पुरस्कार दिया जाता है।
साल 2013 से 2023 तक का लिंगानुपात
साल20132014-2015-201620172018-2019-20202021-2022-2023
लिंगानुपात- 887869860-859-924-924928938921893-906
विभाग की ओर से प्रयास जारी
उप-सिविल सर्जन एवं जिला पीएनडीटी अधिकारी डॉ. रमेश सभ्रवाल ने बताया कि विभाग लिंगानुपात में सुधार के लिए प्रयासरत है। कई तरह की योजनाओं के साथ गांव और शहर में लोगों को जागरूक कर रहा है। साथ ही अवैध तौर पर लिंग भ्रूण जांच पर शिकंजा भी कस रहा है। इसके सार्थक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। दो साल के मुकाबले जिला कुरुक्षेत्र को पांच पायदान का फायदा हुआ है।