कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (कुटा) की कार्यकारिणी समिति की बैठक मंगलवार को हुई। इसमें विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में रिक्त स्वीकृत पदों को समाप्त करने के निर्णय पर मंथन किया गया। कुटा ने हरियाणा फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स ऑर्गेनाइजेशन्स (एचफुक्टो) की मांगों का समर्थन किया।
कुटा अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र खटकड़ ने कहा कि रिक्त पदों को खाली रहने के आधार पर समाप्त करना उचित नहीं है। यह उच्च शिक्षा के हित में नहीं है। उन्होंने सरकार से इन पदों पर शीघ्र भर्ती करने की अपील की। सचिव डॉ. सुरेंद्र जगलान ने बताया कि शिक्षकों की कमी पहले से ही एक गंभीर चुनौती है। स्वीकृत रिक्त पदों को समाप्त करने से शिक्षा और शोध की गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। कुटा ने 31 अगस्त को आम सभा बुलाने का निर्णय लिया है।
डॉ. जगलान ने बताया कि शिक्षकों की व्यापक भागीदारी के लिए 31 अगस्त को कुटा की आम सभा होगी। इसमें एचफुक्टो की मांगों और सरकार के निर्णय पर चर्चा की जाएगी। एक सितंबर को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में प्रस्तावित धरने पर भी विस्तार से बात होगी। बैठक में उपाध्यक्ष डॉ. विजय, संयुक्त सचिव डॉ. लता खेड़ा और प्रो. सुनीता दलाल उपस्थित रहे। डॉ. विजेंद्र ढुल, डॉ. दिनेश धनखड़, डॉ. संगीता सैनी, डॉ. भावना, डॉ. रजनी और डॉ. मनजीत भी मौजूद थे।
इन मांगों पर भी हुई चर्चा
बैठक में एचफुटको की प्रमुख मांगों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इनमें विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के सभी स्वीकृत रिक्त पदों को तत्काल भरना, चार वर्ष से रिक्त पदों को समाप्त मानने का प्रावधान वापस लेना, विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करना, एसएफएस कर्मचारियों को बजटेड कर्मचारी बनाना, वेतन एवं पेंशन के लिए 100 प्रतिशत सरकारी अनुदान देना तथा पीएचडी और एमफिल के लिए अग्रिम वेतन वृद्धि देना शामिल है।