कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षक संघ की जनरल बॉडी की बैठक में वीरवार को केयू के शिक्षकों ने शिक्षकों व यूनिवर्सिटी से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए 30 सूत्रीय डिमांड चार्टर तैयार किया। बैठक की खास बात यह रही कि कुटा ने शिक्षक संघ की कार्यकारिणी में 2 सीटें महिला शिक्षकों के लिए आरक्षित की गई। अब फैकल्टी अनुसार कार्यकारिणी सदस्यों की संया 16 से बढ़ाकर 20 कर दी गई हैं। कुटा प्रधान डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि बैठक में कुटा ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करवाने, जीजेयू की तर्ज पर फाइव डे वीक करवाने, छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार 2006 से 2009 के बीच में नियुक्त हुए शिक्षकों को पांच अग्रिम वेतन वृद्धि देने, एनपीएस के तहत आने वाले शिक्षकों को रिटायरमेंट, ग्रेच्युटी, डेथ ग्रेच्युटी देने, मकानों पर लगने वाले इनकम टैक्स को हटाने, पेपर सेटिंग, पेपर चेकिंग व परीक्षा का मानदेय बढ़ाने, शिक्षकों के मेहमानों के लिए गेस्ट हाउस में रेंट कम रखने, एमफिल, एमटैक, एलएलएम, एमफार्मा इंक्रीमेंट देने, पे प्रोटेक्शन व पुरानी सर्विस का लाभ देने, ईसी व एसी में एसएफएस शिक्षकों को प्रतिनिधित्व देने, विश्वविद्यालय में रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कुटा ने अपने मांग पत्र में शिक्षकों को 10 मेडिकल लीव देने बारे, एसएफएस शिक्षकों का प्रमोशन चैनल बनाने, ट्रेवल ग्रांट देने बारे सहित कुल 30 मांगों का डिमांड चार्टर कुटा सदस्यों की सहमति से आज तैयार किया। उन्होंने कहा कि इस डिमांड चार्टर में विश्वविद्यालयों से संबंधित मांग को एक अन्य श्रेणी व हरियाणा सरकार से संबंधित 7 विशेष मांगे डिमांड चार्टर में रखी गई हैं। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षक संघ का उद्देश्य शिक्षकों के हकों की लड़ाई लड़ना है। कुटा प्रधान ने विश्वविद्यालय प्रशासन व राज्य सरकार से खाली पड़े पदों को जल्द से जल्द शिक्षकों की भर्ती करने की मांग की है।
कुटा सचिव डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि बैठक में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के शिक्षकों की पीएचडी वेतन वृद्धियां, रिटायरमेंट की उम्र 65 वर्ष करने, पेंशन स्कीम का लाभ देने, यूनिवर्सिटी कालेज को विभाग का दर्जा देने सहित कई अन्य मांगे राज्य सरकार के संबंध में तैयार की हैं। कुटा विश्वविद्यालय प्रशासन व राज्य सरकार के स्तर पर अपनी सभी मांगों के लिए लड़ाई लड़ेगी, ताकि शिक्षकों को उनका वाजिब हक दिलाया जा सके। जनरल बाडी की बैठक में विश्वविद्यालय के कई शिक्षकों ने अपने विचार रखे। इस मौके पर उप-प्रधान डॉ दीपक राय ने सभी का धन्यवाद किया व संयुक्त सचिव डॉ. रमन सैनी ने डिमांड चार्टर कुटा सदस्यों के समक्ष रखा। इस मौके पर बड़ी संख्या में कुटा सदस्य मौजूद थे।