डॉ. पवन कुमार को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पहुंचने पर बधाई देते हुए कुलपति
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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. पवन कुमार (लाइट ऑफ होप-II) को प्रतिष्ठित ललित कला अकादमी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। 63 वीं राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी में ललित कला अकादमी के राष्ट्रीय पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन कमानी ऑडिटोरियम नई दिल्ली में किया गया था।
कार्यक्रम का उद्घाटन अभिनेता मनोज जोशी, लेखक चंद्रप्रकाश द्विवेदी और कलाकार वासुदेव कामथ नई दिल्ली स्थित कमानी ऑडिटोरियम में किया। मुख्यातिथि के रूप में भारत के सुप्रसिद्ध मूर्तिकार राम वनजी सुतार रहे। इन्होंने कई महापुरुषों की विशाल मूर्तियां बनाई है, जिनमें स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, भारत के संस्थापक सरदार वल्लभ भाई पटेल व महात्मा गांधी की प्रतिमा जोकि अब तक विश्व के तीन सौ से अधिक शहरों में लग चुकी है। राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी (एनइए) हर साल पेंटिंग, मूर्तिकला, प्रिंट मेकिंग, फोटोग्राफी, डिजिटल कला, वीडियो कला और इंस्टॉलेशन सहित विभिन्न शैलियों से दृश्य कला के कार्यों को आमंत्रित करती है। इस बार प्रदर्शनी में देशभर से कुल 20 कलाकारों के कार्यों का प्रदर्शन किया गया।
गौरव के पल पर कुवि कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के लिए यह गर्व का विषय है, शिक्षक अपने शिक्षण एवं विषय विशेषज्ञ में विशिष्टता प्राप्त है तथा अपनी विशिष्टता के द्वारा वे कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को समय- समय पर गौरवान्वित करते हैं। कुलसचिव प्रो. संजीव शर्मा ने भी डॉ. पवन शर्मा को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
लोक संपर्क विभाग के उप-निदेशक डॉ. दीपक राय बब्बर ने बताया कि ललित कला अकादमी ने इस बार की राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी और पुरस्कारों के लिए देश भर से 2291 कलाकारों की 5714 प्रविष्टियां प्राप्त की थी। इन प्रविष्टियों में से 20 कलाकारों को पुरस्कारों के लिए चुना गया था, जिसमें फोटोग्राफी के क्षेत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. पवन कुमार को ललित कला अकादमी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया वहीं विभाग के ही सहायक प्राध्यापक आनंद जायसवाल की फोटोग्राफी प्रदर्शनी के लिए चिन्हित की गई ।