महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) में अगस्त
2013 से फरवरी 2014 तक करवाए कामों की अटकी मजदूरी का भुगतान हो गया है।
मजदूरों के बैंक खातों में राशि डाल दी गई है। विभागीय उच्चाधिकारियों ने
एबीपीओ को मनरेगा लोकपाल के सामने पेश होकर स्पष्टीकरण देने की अथॉरिटी दी,
जिसके बाद मंगलवार सुबह थानेसर से एबीपीओ मनोज कुमार, पिहोवा से कृष्ण,
शाहाबाद से भारत कुमार, इस्माईलाबाद से राकेश सिंगला और लाडवा से दवेंद्र
मनरेगा लोकपाल कुरुक्षेत्र कार्यालय पहुंचे।
इन्होंने मनरेगा लोकपाल
श्यामलाल जांगड़ा को सारी स्थिति से अवगत कराते बताया कि विभाग द्वारा राशि
ट्रांसफर कर दी गई है, जिसे संबंधित मजदूरों के खातों में भी डाल दिया गया
है।
अमर उजाला ने मनरेगा में 96.48 लाख रुपये की अटकी मजदूरी का
मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।
इसके बाद विभाग हरकत में आया और मजदूरों के
खातों में राशि ट्रांसफर कर दी गई।
थानेसर में 45.78 लाख, शाहाबाद में 3.43
लाख, पिहोवा में 14.01 लाख, इस्माईलाबाद में 22.52 लाख, बाबैन में 3.72
लाख और लाडवा में 7.02 लाख रुपये बकाया था।
लोकपाल ने अधिकारियों को बताई स्थिति
मनरेगा
लोकपाल श्यामलाल जांगड़ा ने ग्रामीण विकास विभाग हरियाणा चंडीगढ़ के
निदेशक, परियोजना अधिकारी मनरेगा ग्रामीण विकास विभाग हरियाणा चंडीगढ़,
एडीसी कम अतिरिक्त जिला कार्यक्रम संयोजक मनरेगा कुरुक्षेत्र और परियोजना
अधिकारी मनरेगा डीआरडीए कुरुक्षेत्र को मजदूरों की मजदूरी अटके होने की
स्थिति से अवगत कराया था। संबंधित अधिकारियों को 25 मार्च को रिपोर्ट सहित
पेश करने के लिए कहा गया था।
एबीपीओ ने दिया स्पष्टीकरण
मनरेगा
लोकपाल कार्यालय में सभी खंडों के एबीपीओ ने स्पष्टीकरण देते बताया कि
मजदूरों के खातों में पैसा डाल दिया गया है। थानेसर के एबीपीओ मनोज कुमार,
पिहोवा से कृष्ण, शाहाबाद से भारत कुमार, इस्माईलाबाद से राकेश सिंगला और
लाडवा से दवेंद्र ने लोकपाल को बताया कि अब उनके पास किसी भी मजदूर की
मजदूरी बकाया नहीं है।
मजदूरी का हुआ भुगतान : लोकपाल
मनरेगा
लोकपाल श्यामलाल जांगड़ा ने बताया कि जिले में जिन मजदूरों की मजबूरी बकाया
थी, वह उनके खातों में डाल दी गई है। अगर किसी मजदूर की कागजी कार्रवाई
पूरी नहीं हुई है, तो उसे पूरी करने के बाद उनके खातों में भी पैसा डाल
दिया जाएगा।
लापरवाही न बरतने की दी हिदायत
मंगलवार को जिले के
सभी एबीपीओ की मीटिंग लेते मनरेगा लोकपाल ने लापरवाही न बरतने की हिदायत
दी। उन्होंने कहा कि मजदूरों का सहयोग करते हुए वह उनकी समस्याओं का समाधान
करें और सरकारी योजनाओं को लाभपात्रों तक पहुंचाने के लिए हमेशा तत्पर
रहें।