जाट आंदोलन को लेकर जिला पुलिस सतर्क हो गई है। पुलिस 5 जून से आंदोलन की चेतावनी को हल्के में नहीं लेना चाहती। इसके मद्देनजर एसपी ने दंगों से निपटने के लिए पुलिसकर्मियों और खुफिया तंत्र को अलर्ट कर दिया है।
तीन डीएसपी के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों का गठन भी किया जा चुका है। प्रशासन का दावा है कि आंदोलन को लेकर हर हरकत पर नजर रखी जा रही है। एसपी सिमरदीप सिंह ने बताया कि पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। पुलिस को न केवल दंगों से निपटने के लिए ट्रेनिंग दी गई है बल्कि निगरानी बनाए रखने के लिए 3 डीएसपी के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें भी बनाई गई हैं। बता दें कि 15 से 21 फरवरी तक हुए पिछले आंदोलन के दौरान प्रदेश के कई जिलों में उपद्रव हो चुका है, जिसको ध्यान में रखते हुए जिला में पूरी चौकसी बरत रही है। हालांकि उस दौरान कुरुक्षेत्र जिला में मामला शांतिपूर्वक रहा। फिर भी इस बार पुलिस एवं प्रशासन द्वारा आंदोलन को हलके में नहीं लिया जा रहा है। एसपी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि कोई भी व्यक्ति कानून हाथ में लेने की कोशिश करेगा तो ऐसे लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा। जिले भर में पल-पल की जानकारी भी ली जा रही है।
गौरतलब है कि जाट आरक्षण पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद समाज के लोगों ने 5 जून से फिर आंदोलन करने का ऐलान किया हुआ है। डीसी आरएन कौशिक का कहना है कि जिला भर में स्थिति सामान्य बनी रहे, इसके लिए प्रशासन सतर्क है। उन्हें उम्मीद है कि जिले में पहले की तरह शांति बनी रहेगी, लेकिन जरूरत पड़ी तो प्रशासन आपात स्थिति से निपटने को अतिरिक्त सुरक्षा बल भी बुला सकता है। एसपी के अनुसार उन्हें उम्मीद है कि जिले में अमन चैन बना रहेगा, लेकिन किसी ने भी कानून हाथ में लेने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस फोर्स को अलर्ट कर दिया गया है।