हरियाणा विश्वविद्यालय फेडरेशन के आह्वान पर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में पेन डाउन टूल डाउन हड़ताल पूर्ण रूप से सफल रही। हालांकि हड़ताल के कारण दूरदराज क्षेत्रों से केयू में काम के लिए कई विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान सभी कर्मचारी अपने अपने कार्यालय में उपस्थित रहे, लेकिन कोई भी कार्य नहीं किया। इससे विश्वविद्यालय का कार्य पूर्ण रूप से ठप रहा।
कुंटिया के महासचिव डा. दीपक शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार विश्वविद्यालय के कर्मचारियों से सौतेला व्यवहार कर रही है। हरियाणा के सभी कर्मचारियों को तो 7वें वेतन आयोग का लाभ दे दिया गया है, लेकिन विश्वविद्यालयों को ये लाभ देने में टालमटोल की नीति अपनाई जा रही है। इसकी वजह से विश्वविद्यालय के कर्मचारियों में व्यापक रोष है। हरियाणा सरकार ने पिछले दिनों सर्व कर्मचारी संघ के साथ बातचीत में कहा था कि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को ये लाभ देने में 6 महीने लग सकते हैं। उन्होंने आगे कहा हरियाणा सरकार के इस ब्यान की कुंटिया जोरदार विरोध करती है एवं हरियाणा सरकार से मांग करती है कि सभी विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को अविलंब 7 वें वेतन आयोग का लाभ दिया जाये ताकि कर्मचारियों में रोष खत्म हो।
कुंटिया प्रधान रामकुमार गुर्जर ने कहा कि एक तरफ तो प्रदेश सरकार राज्य में स्वर्ण जयंती वर्ष मना रही है और दूसरी तरफ विश्वविद्यालय के कर्मचारियों से भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने हरियाणा सरकार से आह्वान किया कि स्वर्ण जयंती वर्ष में विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को भी ये लाभ तुरंत दिया जाये।
उन्होंने आगे बताया कि इस बारे में विश्वविद्यालय फेडरेशन के कर्मचारियों की आगामी 10 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण बैठक हो रही है जिसमें आगामी कार्यवाही के बारे में कोई भी कठोर निर्णय लिया जा सकता है। इस अवसर पर उप प्रधान विष्णु नाथ, सहसचिव पवन कुमार, खजांची अनूप सिंह, कार्यकारिणी सदस्य नायब चंद, लखविन्द्र सिंह, बृजभूषण, डॉ. जीत सिंह, अभय यादव, सोहन लाल, सत्यवीर शर्मा, चन्द्रशेखर, सोमनाथ राणा, नरेंद्र सैनी, मेनपाल व आशाराम उपस्थित थे।