कुरुक्षेत्र। केयू में क्लर्क से लेकर प्रोफेसर तक की विश्वसनीयता खतरे में है। परीक्षा शाखा में नंबर बढ़ाने के मामले में कई बार धर पकड़ हो चुकी है, वहीं केयू के अधिकारियों के पारिवारिक सदस्य ऐसे मामलों में फंस चुके हैं।
इतना ही नहीं, पीएचडी कराने के नाम पर विद्यार्थियों से घूस तक लेने के मामले में प्रकाश में आ चुके हैं। इनसे अलग नया मामला केयू के एक परीक्षा केंद्र पर सामने आया है, जहां केंद्र पर तैनात एक अधिकारी पर अपनी रिश्तेदार परीक्षार्थी को लाभ पहुंचाने के लिए सारे नियम तोड़ने का आरोप है।
चौंकाने वाली बात ये है कि इस सेंटर पर किसी प्राइवेट कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर की ड्यूटी नहीं लग सकती थी, जिसकी पुष्टि खुद केयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह रंगा ने की है। उन्होंने ये भी स्पष्ट किया है कि वे इसका पता लगाएंगे कि यह ड्यूटी कैसे और क्यों लगाई गई।
इस मामले में दूसरा खुलासा ये भी होता है कि ड्यूटी के दौरान परीक्षा केंद्र के सुपरिंटेंडेंट द्वारा ड्यूटी देने वाले शिक्षकों से एक डिस्कलोजर लेना होता है, जबकि उक्त जिस असिस्टेंट प्रोफेसर पर आरोप लगे हैं, उसका डिस्कलोजर नहीं लिया गया था, इसकी पुष्टि यूनिवर्सिटी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. आरके सूदन ने की है। हालांकि डॉ. सूदन का कहना है कि उक्त असिस्टेंट प्रोफेसर को सेंटर रिमूव कर दिया है।
केयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. हुकम सिंह रंगा के मुताबिक यूनिवर्सिटी कॉलेज के पास पर्याप्त स्टाफ है। इस वजह से यहां किसी प्राइवेट कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर की ड्यूटी का सवाल ही नहीं होता था। उन्होंने बताया कि कई बार छुट्टियों के दिनों में ऐसे प्राइवेट कॉलेज के स्टाफ को ड्यूटी पर बुलाया जाता है, लेकिन इस समय ऐसी कोई आवश्यकता नहीं थी। डॉ. रंगा ने भी माना कि कहीं न कहीं सांठगांठ जरूर थी और इसकी वजह जांच कराएंगे।
सांठगांठ के जाल में फंसा केयू का परीक्षा तंत्र विद्यार्थियों के लिए जी का जंजाल बना है। गड़बड़ियों के मामले उजागर होने के बाद सुधार के लिए कदम उठाने के बजाय ज्यादा जोर इन पर पर्दा डालने के लिए लगाने की परंपरा केयू में पुरानी है। केयू की रिजल्ट ब्रांच में परीक्षार्थियों के नंबरों से छेड़खानी हो या केयू के हास्टलों से मिली अनेक खाली डीएमसी और ब्रांच से बाहर सड़क से मिले उत्तर पुस्तिकाओं के बंडल, ये सारी घटनाएं केयू की प्रतिष्ठा पर बदनुमा दाग बने हैं।
परीक्षा केंद्र में गड़बड़ी को छुपाने के लिए केयू के अधिकारी लीपापोती में जुट गए हैं। पता चला है कि बीटीएम की जिन छात्राओं ने परीक्षा केंद्र में गड़बड़ियों की लिखित शिकायत दी थी, वह उन्होंने वापस ले फाड़ दी है।
केयू के रजिस्ट्रार डॉ. केसी रल्हाण ने कहा कि यूनिवर्सिटी कॉलेज में बनाए परीक्षा केंद्र में गड़बड़ी का मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं विद्यार्थियों के हितों से खिलवाड़ है और इसकी जांच कराएंगे।