रैगिंग के मामले में केयू के पांच वर्षीय विधि संस्थान में अध्ययनरत एक छात्र की शिकायत पर यूनिवर्सिटी की एंटी रैगिंग कमेटी ने आरोपी चार छात्रों को निष्कासित किया है। वीरवार को जारी किए गए केयू एंट्री रैगिंग कमेटी के नोटिफिकेशन के अनुसार उक्त चारों का केयू कैंपस और छात्रावास में भी एंट्री बैन रहेगा। उधर वीरवार दोपहर को केयू के पांच वर्षीय विधि संस्थान के छात्र वीसी कार्यालय पर एकत्रित हुए और ज्ञापन सौंप कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
उल्लेखनीय कि इसी संस्थान में द्वितीय वर्ष के एक छात्र ने अपने ही संस्थान में तृतीय वर्ष के चार छात्रों के खिलाफ यूजीसी में ईमेल भेज कर शिकायत की थी। छात्र का आरोप है कि पिछले चार महीने से उसे परेशान किया जा रहा है, जिससे परेशान होकर वह इनके खिलाफ कार्रवाई कराने को मजबूर है। यूजीसी ने इस शिकायत पर केयू को पत्र भेज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। केयू प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एलएलबी तृतीय वर्ष के छात्र पंकज मलिक, सूरज, नीतिश गर्ग और दोजिंद्र कुमार को निष्कासित करने और केयू कैंपस के साथ साथ छात्रावास में भी एंट्री बैन के आदेश दिए हैं। बताया यह भी जा रहा कि इन चारों छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई भी होगी। हालांकि समाचार लिखे जाने जाने तक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई थी।
आरोपी छात्रों के समर्थन में उतरे विद्यार्थी
केयू के पांच वर्षीय विधि संस्थान में 7 अप्रैल 2017 को द्वितीय वर्ष और तृतीय वर्ष के छात्रों झगड़ा हुआ था। झगड़े के अगले ही दिन विद्यार्थियों ने आपस में इनका समझौता करा दिया था, लेकिन उसी दिन द्वितीय वर्ष के छात्र ने तृतीय वर्ष के छात्रों के खिलाफ रैगिंग की शिकायत ईमेल के जरिये यूजीसी में कर दी। इसके बाद यूजीसी ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी प्रशासन को जांच के आदेश दिए। तृतीय वर्ष के छात्रों ने बताया कि इस शिकायत को लेकर वीरवार को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. कैलाश चंद्र शर्मा को ज्ञापन सौंपा गया है। मौके पर विशाल सौगात, नीतीश बलाही, विकास बाजवा, विकास बलाही, देवदत्त चोचड़ा, संजय सैनी, नवीन, सोमवीर रेडू, रवि शर्मा सहित करीब 60 विद्यार्थियों ने कुलपति इस मामले में उचित जांच कराने की मांग की है।
प्रोक्टर को पता ही नहीं था छात्र निष्कासित हो गए
केयू के प्रोक्टर डा. आरके देसवाल जहां बुधवार को रैगिंग होने की बात से इंकार कर रहे थे और इस मामले को छात्रों के आपसी विवाद से जोड़कर बता रहे थे, वहीं वीरवार को केयू प्रशासन द्वारा लिए गए फैसले के बाद चार छात्रों पर हुई कार्रवाई का पत्र क्रमांक एसीएम-1-एसपी.6-17-55-36-5548 जारी होने के बाद भी मीडिया को यही जानकारी देते रहे कि अभी किसी को निष्कासित नहीं किया गया है, कार्रवाई जारी है। सवाल यह उठ रहा है कि डा. देसवाल गुमराह क्यों कर रहे थे?
जिससे झगड़ा हुआ था वह तो हमारे साथ है
आरोपी छात्र सूरज का कहना है कि उन्होंने किसी भी छात्र के साथ रैगिंग नहीं की। रैगिंग की आड़ में पीछे से कौन खेल रहा है, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह सिर्फ इतना जानते हैं कि उन्होंने किसी छात्र के साथ रैगिंग नहीं की। वहीं उन्होंने यह भी बताया कि एक छात्र के साथ झगड़ा जरूर हुआ था, उसका समझौता हो गया था, वह छात्र भी उनके ही साथ है, ऐसे में किसी छात्र ने उनके खिलाफ रैगिंग की शिकायत की उन्हें अब तक मालूम नहीं हुआ।