कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कुटा) के चुनाव में अध्यक्ष पद पर डा. संजीव शर्मा ने लगातार विजयश्री की पताका फहराई है। पिछले 40 वर्षों में केयू शिक्षक संघ के इतिहास में लगातार दूसरी जीत का इतिहास चौथी बार दोहराया गया है, जबकि इन चार दशक में जीत की हैट्रिक सिर्फ डा. एससी मिश्रा के नाम है।
वीरवार सुबह चुनाव केयू शिक्षक संघ के कार्यालय में चुनावी प्रक्रिया शुरू हुई। शांतिपूर्वक ढंग से हुए इस चुनाव के नतीजे शाम को चुनाव अधिकारी प्रेम खेड़ा ने घोषित किये। उन्होंने बताया कि कुटा चुनाव में कुल 402 मत थे, इनमें से कुल 381 शिक्षकों ने अपने मत का प्रयोग किया। जिसमें से 19 मत पोस्टल बैलेट द्वारा डाले गए थे। कुटा चुनाव को शांतिपूर्वक सपन्न करवाने में डॉ. सुधीर कुमार, नरेंद्र कुमार सैनी, कुलदीप बत्तरा, पवन शर्मा, प्रमोद कुमार व अर्जुन कुमार ने सहयोग दिया। गौरतलब कि अध्यक्ष पद के लिए त्रिकोणीय मुकाबले में डा. संजीव शर्मा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी डा. परमेश को 52 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की, जबकि इस पद पर हुई वोटिंग में सात वोट अवैध पाए गए।
वहीं उपाध्यक्ष पद पर डा. दीपक राय ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी डा. राजकमल को 51 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया, जबकि 8 वोट अवैध पाए गए। सचिव पद पर डा. नरेश कुमार को 211 वोट मिलने उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी डा. जसविंद्र सिंह को 45 वोट से पराजित किया, जबकि इस पद पर हुई वोटिंग में चार वोट अवैध पाए गए। सह-सचिव पद डॉ रमन सैनी निर्विरोध निर्वाचित हुए। खजांची पद पर डॉ. राजवीर सिंह निर्विरोध निर्वाचित हुए। दूसरी बार अध्यक्ष चुने गए डा. संजीव शर्मा ने सभी कुटा सदस्यों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष के कार्यकाल में उन्होंने 25 कार्य कराए थे और शिक्षकों के हितों में काम करने की इस गति को भविष्य में भी पूरी ऊर्जा के साथ जारी रखा जाएगा।
दूसरे कार्यकाल में डा. संजीव ने बताई ये प्राथमिकता
सातवां आयोग केंद्र की तर्ज पर लागू कराना
शिक्षकों की आयु 65 वर्ष कराना
सेल्फ फाइनेंस शिक्षकों को बजटिड में शामिल कराना
शिक्षकों की गरिमा को बनाए रखना
लंबित पड़े कार्यों को पूरा करना
यूनिवर्सिटी कालेज को डिपार्टमेंट का दर्जा दिलाना
प्रधान पद के लिए नाम वोट
डॉ. संजीव शर्मा को 174
डॉ. परमेश कुमार को 122
डॉ फकीर चंद को 78
उप-प्रधान पद वोट
डॉ. दीपक रॉय को 171
डॉ. राजकमल को 120
डॉ सतीश कुमार को 82
सचिव पद पर कुल वोट
डॉ. नरेश कुमार को 211
डॉ. जसविंद्र कुमार को 166
कार्यकारिणी सदस्यों में ये हुए विजयी
कार्यकारिणी सदस्यों में डॉ. अजीत सिंह चहल, डॉ. सीआर जिलोवा, डॉ. दलीप कुमार, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. हरदीप लाल जोशी, डॉ. जितेन्द्र कुमार, डॉ. ललित नागपाल, डॉ. मंजीत सिंह, डॉ. एमएस जागलान, डॉ. नफिश अहमद, डॉ. प्रबोध चन्द्र, डॉ. रंजना, डॉ. संत लाल निरवान, डॉ. संतोष कुमार दुबे एवं डॉ. विरेन्द्र पाल विजयी रहे। डॉ चंद्रकांत एवं डॉ मोहिन्द्र सिंह को बराबर मत मिले जिसमें उनको छह-छह महीने के लिए कार्यकारिणी में शामिल किया जाएगा।
इन पांच शिक्षक नेताओं के दर्ज की लगातार दूसरी जीत
कुटा के इतिहास में पहली बार डा. एसएन शर्मा 1995 और 1996 में दो बार कुटा अध्यक्ष चुने गए, उनके बाद लगातार दो बार जीत का इतिहास डा.प्रदीप चौहान ने 2002, 2003 और 2011 और 2012 में दो बार बनाया, जबकि डा. ओपी गहलावत ने 2004 और 2005 और डा. एससी मिश्रा ने 2005 से 2007 तक लगातार तीन बार अध्यक्ष चुने के गए और इनके बाद डा.संजीव पांचवें शिक्षक हैं जिनके सिर पर लगातार दूसरी जीत का सेहरा बंधा।