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यहां किताबों की जगह खुलती हैं शराब की बोतलें

Mon, 15 May 2017 12:24 AM IST
ब्यूरो/कुरुक्षेत्र,अमर उजाला
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wine botles - फोटो : अमर उजाला
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शराब की जितनी बोतलों के ढक्कन एक बीयर बार खुलते होंगे, शायद उससे ज्यादा तो केयू के सिर्फ एक ही हॉस्टल में खुल रहे हैं। केयू प्रशासन को इस बात का यकीन केवल एक हॉस्टल से मिली विभिन्न ब्रांड की शराब की खाली बोतलों से हो सकता है। थानेसर की नगर परिषद सीमा में भले शराब की बिक्री और मयखानों पर रोक हो, मगर केयू के देवीलाल हॉस्टल में विभिन्न ब्रांड की शराब की खाली बोतलों की भरी बोरियां इस बात का सबूत है कि यहां विश्वविद्यालय के हास्टल मदिरालय में तब्दील हो रहे हैं।
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दरअसल शनिवार आधी रात को देवीलाल हॉस्टल के कमरा नंबर 77 में केयू के ही एक दूसरे छात्रावास में रहने वाले स्टूडेंट्स ने शराब के नशे में चूर होकर चार छात्रों को जमकर पीटा था। करीब 20 मिनट तक चली पिटाई में केयू का एक छात्र के दूसरी मंजिल से नीचे गिरा था। हालांकि पुलिस इसकी अभी जांच कर रही है कि उक्त छात्र दूसरी मंजिल से गिराया गया था या बचाव के लिए वह स्वयं नीचे कूदा था। इस विवाद के बाद कुछ छात्रों ने बताया कि पिछले तीन दिन में नरहरि के छात्र शराब के नशे में दो बार मारपीट कर चुके हैं।

वहीं अमर उजाला ने जब केयू के छात्रावास की चारदीवारी का रियल्टी चेक किया तो यहां जगह-जगह, शराब और बीयर की बोतलें, ढक्कन के अलावा दो बड़ी बोरी खाली बोतलों से भरी हुई मिली। बीती रात घटनाक्रम की जांच कर रहे केयू थर्ड गेट पुलिस चौकी के प्रभारी सेवा सिंह को जब यह बोतलें दिखाई गई तो वह भी इतनी बड़ी मात्रा में शराब की खाली बोतलें देखकर हैरान हो गए। जब हास्टल की कैंटीन में पूछताछ की तो पता चला कि यह बोतलें एक कर्मचारी ने हास्टल से ही एकत्रित की थी, ताकि इन्हें बेचकर कुछ पैसा कमा सके। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में केयू के हास्टलों में शराब की डिलीवरी कौन करता है। बता दें कि देवीलाल हास्टल में
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जहां शराब की खाली बोतलों की बोरियां भरी मिली, वहीं शराब की गत्ते की पेटियों के बंडल भी बंधे पड़े थे।             
         
हास्टल परिसर में नहीं है सीसीटीवी कैमरे
बीती रात हॉस्टल में घुसकर हमले की वारदात को अंजाम देने वाले कौन थे? इसका अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस हास्टल परिसर से बाहर सड़क के एक पोल पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज लेने के लिए यहां पहुंची थी। यहां बता दें कि केयू के किसी भी हास्टल परिसर में सीसीटीवी कैमरे नहीं है, जबकि पिछले वर्षों में केयू के हॉस्टलों में अनेक बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं।             
       
18 में से पांच सीसीटीवी कैमरे खराब                         
केयू के हास्टल के एंट्री गेट पर पुलिस पोस्ट बनाई गई है। इसी पुलिस पोस्ट में सीसीटीवी कैमरों का कंट्रोल रुम बनाया गया है। यहां के हालात देखने पर साफ हो गया कि केयू परिसर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे किस हालात में है। सुरक्षा प्रबंधों को पुख्ता बनाने के लिए यहां लगाए गए 18 कैमरों में से पांच कैमरे खराब होने के कारण बंद थे,यानी जिस लोकेशन पर यह कैमरे लगाए गए थे,वहां की फुटेज चाहकर भी नहीं मिलेगी।             
       
सीएसओ और चीफ वार्डन की प्रतिक्रिया            
इस संबंध में केयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी डा. अनिल गुप्ता ने बताया कि इसका जिम्मा सिक्योरिटी सिस्टम नहीं, बल्कि चीफ वार्डन और वार्डन के कंधों पर है। वहीं चीफ वार्डन डा. सीपी सिंह ने शराब की खाली बोतलों के विषय में तो कुछ नहीं बताया, लेकिन इतना जरूर कहा कि समय-समय पर छापेमारी की जाती है। बीती रात की घटना में भी जो छात्र दोषी पाए जाएंगे उन पर केयू प्रशासन कार्रवाई करेगा, वहीं पुलिस भी इसकी जांच कर रही है।
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