कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्मपुरा बाग में स्थित श्रीकृष्ण अर्जुन रथ। संवाद
कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर 5 से 25 दिसंबर तक मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में इस बार शिल्प मेला बेहद खास कला से सजाया जाएगा। इसके लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड इस बार नोर्थ जोन कल्चरल सेंटर (एनजेडसीसी) पर निर्भर नहीं रहेगा बल्कि इसे खुद सजाएगा। इसमें भी देश-विदेश के बेहद खास ख्याति प्राप्त शिल्पकार ही शामिल होंगे। शिल्पकारों को स्टॉल अलॉट करने के साथ उनके ठहरने की व्यवस्था भी केडीबी ही करेगा।
केडीबी ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है। यहां तक कि 700 शिल्पकारों को सूचिबद्ध किया जा चुका है। केडीबी की इस बड़ी पहल से देश-विदेश की विशेष शिल्पकला का यहां प्रदर्शन हो सकेगा और पर्यटक भी रूबरू होंगे। इस मेले का स्तर भी बढ़ाया जाएगा। भले ही महोत्सव में अभी करीब सात माह बाकी हैं लेकिन शिल्पकारों को पंजीकृत करने का काम अभी से शुरू किया जा चुका है। पोर्टल पर शिल्पकार आवेदन कर सकेंगे, जिसे जल्द खोले जाने की तैयारी है। इससे पहले केडीबी शिल्पकारों से सीधे उनके मोबाइल पर भी संपर्क करेगा तो व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा। पिछले वर्ष 15 नवंबर से 5 दिसंबर तक चले गीता महोत्सव में सरस की ओर से 60 शिल्पकारों को यहां बुलाया गया था और एनजेडसीसी के माध्यम से 200 शिल्पकार पहुंचे थे। अब तक एनजेडसीसी ही शिल्पकारों को शिल्प व सरस मेले के लिए बुलाता रहा है। ब्रह्मसरोवर के एक ओर शिल्प तो दूसरी ओर सरस मेला हर वर्ष सजाया जाता रहा है।
सूरजकुंड व अन्य मेलों के शिल्पकारों को बुलाने की तैयारी
केडीबी महोत्सव में पहले की अपेक्षा और बेहतर शिल्पकारों को बुलाने की तैयारी कर रहा है। शिल्पकारों की यूनियनों से संपर्क साधा जा रहा है। वहीं सूरजकुंड और अन्य मेलों में आने वाले बेहद खास शिल्पकारों से संपर्क साधने की तैयारी है।
कला की महत्ता के अनुसार दिए जाएंगे स्टॉल : उपेंद्र
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने कहा कि इस बार शिल्पकारों को कला की महत्ता के अनुसार ही स्टाॅलें अलॉट की जाएंगी। स्टॉलाें की बंदरबाट नहीं होगी। सभी शिल्पकारों से खुद संपर्क किया जाएगा। उनका कहना है कि मेले का स्वरूप बढ़ाते हुए आवेदन की ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। इस प्रयास से देश के सभी शिल्पकारों व कलाकारों में महोत्सव के प्रति सकारात्मकता बढ़ेगी। मेले को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।