कुरुक्षेत्र। केडीबी के नवनियुक्त मानद सचिव उपेंद्र सिंघल को स्मृति चिह्न भेंट करते श्रीब्राह्मण
कुरुक्षेत्र। विश्व प्रसिद्ध सन्निहित सरोवर पर पिंडदान व पूजा अर्चना के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाएगा। इसके लिए श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के साथ मिलकर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड काम करेगा। सन्निहित सरोवर पर श्रद्धालु तीर्थाटन की दृष्टि से आते हैं इसलिए इस तीर्थ के जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
यह बात केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा द्वारा संचालित कुरुक्षेत्र संस्कृत वेद विद्यालय एवं छात्रावास में प्रवेश पाने वाले नवोदित 51 ब्रह्मचर्य के यज्ञोपवीत संस्कार कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कही। सभा की ओर से उपेंद्र सिंघल को स्मृति चिह्न व श्रीमद्भगवद गीता भेंट कर सम्मानित किया गया।
उन्होंने कहा कि वे केडीबी में पिछले छह वर्ष से अलग-अलग भूमिका में कार्य कर रहे हैं। सन्निहित सरोवर सूर्य उपासना का केंद्र है। इस आस्था को और मजबूत बनाते हुए इसी तर्ज पर इस तीर्थ का विकास करेंगे। सभा की सहमति से ऑनलाइन पिंडदान और सुख शांति के लिए पूजा इत्यादि करने के लिए केडीबी एक पोर्टल तैयार करवाएगा। इसका संचालन सभा द्वारा ही होगा। इससे दूर दराज बैठे श्रद्धालु अपने पितरों के निमित्त घर बैठे ही पूजा पाठ करा सकेंगे। सभा के साथ मिलकर कुरुक्षेत्र के तीर्थों के विकास की योजनाएं बनाई जाएंगी।
सभा के मुख्य सलाहकार जयनारायण शर्मा ने केडीबी द्वारा ऑनलाइन पिंडदान करने का पोर्टल बनवाने पर सहमति जताई और पोर्टल का संचालन सभा द्वारा करने की बात भी स्वीकारी। वहीं मुख्य वक्ता डॉ. श्रीप्रकाश मिश्रा ने कहा कि सभा ने यह वेद विद्यालय 2001 में स्थापित किया था। सनातन परंपराओं को संजोए रखने में इस वेद विद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस अवसर पर आचार्य नरेश कौशिक, केके कौशिक, राजेंद्र जोशी, जलेश शर्मा, रामपाल शर्मा, राजेश शांडिल्य, श्याम सुंदर तिवारी सहित अन्य मौजूद रहे। संवाद