कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी गैर शिक्षक कर्मचारी संघ (कुंटिया) के चुनाव में कर्ण सिंह ग्रुप के सिर जीत का सेहरा बंधा। ग्रुप के सदस्यों ने अन्य दोनों ग्रुप को पछाड़ते हुए जीत का परचम लहराया।
कर्ण सिंह ग्रुप से प्रधान पद के लिए राम कुमार गुर्जर ने 815 वोट हासिल कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सुनील कक्कड़ को हराया। वहीं, जीत की घोषणा वीरवार देर शाम होते ही यूनिवर्सिटी में जश्न का माहौल बन गया। कर्ण सिंह ग्रुप के सभी विजेता पदाधिकारियों ने ढोल नगाड़ों के साथ यूनिवर्सिटी में विजय जुलूस निकाला।
इस दौरान जमकर आतिशबाजी की गई। इससे पूर्व शाम पांच बजे तक हलकी फुलकी गहमागहमी के बीच मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। कुंटिया चुनाव अधिकारी डॉ. अनिल वशिष्ठ ने बताया कि शुक्रवार को सुबह 9 बजे ही कुंटिया पदाधिकारियों के चुनाव के लिए मतदान कम्यूनिटी सेंटर में बनाए गए तीनों बूथ पर शुरु हो गया था।
तीनों बूथ पर सुबह से ही कर्मचारी अपने मत का उपयोग करने के लिए जुटना शुरू हो गए। इस दौरान ग्रुपों में कुंटिया चुनाव में जीतने की होड़ इस कदर मची रही कि प्रधान पद के प्रत्याशी से लेकर कोषाध्यक्ष पद के उम्मीदवार सुबह से ही कम्यूनिटी सेंटर के गेट पर खड़े हो गए। इसे चुनाव जीतने की जद्दोजहद ही कहेंगे कि यह स्थिति शाम तक ऐसी ही रही और विभिन्न ग्रुपों के नेता तथा उनके समर्थक वोटरों की आवभगत में ही लगे रहे।
ड्यूटी स्टाफ बहस, अधिकारी ने समझाया
कुंटिया चुनाव में बूथ नंबर-1 पर ड्यूटी दे रहे स्टाफ की वोटरों के साथ किसी बात को लेकर तेज बहस हो गई। जानकारी मिलते ही चुनाव अधिकारी डा. अनिल वशिष्ठ मौके पर पहुंचे और वोटरों तथा स्टाफ को समझाते हुए शांत कराया।
कर्मचारी नेता बोले, वोट पर्ची कम क्यों?
आनन-फानन की स्थिति में बूथ नंबर-2 पर पहुंचे एक कर्मचारी नेता की वोटिंग प्रक्रिया को लेकर प्रिसाइडिंग ऑफिसर से बहस हो गई। इस दौरान कर्मचारी नेता ने गर्म स्वभाव दिखाते कहा कि यहां वोटर लिस्ट में ज्यादा नामों के आगे टिक मार्क किया गया है, जबकि वोट पर्ची कम बंटी हैं।
हालांकि बातचीत के कुछ देर बाद मौका संभाल लिया गया। वहीं मतदान शुरू होने से लेकर समाप्त होने तक यूनिवर्सिटी के विभागों, संस्थानों तथा अन्य कार्यालयों में कुंटिया चुनाव को लेकर लगातार रायशुमारी का दौर चलता रहा। कर्मचारी आपस में कौन जीतेगा, कौन हारेगा को लेकर दिनभर चर्चाओं में व्यस्त रहे।
बूथों पर रहे तीन प्रिजाइडिंग ऑफिसर और दो-दो रिलीवर
तीनों मतदान बूथों पर प्रिजाइडिंग ऑफिसर नियुक्त किए गए थे, जिनमें बूथ नंबर-1 पर डा. ओमवीर, बूथ नंबर-2 पर प्रो. एचके शर्मा और बूथ नंबर-3 पर डॉ. संजीव ने सेवाएं दीं। इसके साथ ही आकस्मिक स्थिति के लिए दो-दो रिलीवर और एक अन्य टीचर भी मौके पर मौजूद रहे।
चुनाव से कार्य प्रभावित, लोग परेशान
कुंटिया चुनाव का सीधा असर केयू के कार्यालयों में काम पर साफ नजर आया। केयू के सभी कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या इक्का-दुक्का ही नजर आई। इससे अनेक लोगों को परेशानी हुई। हालात ऐसे थे कि यूनिवर्सिटी कार्यालयों में कर्मचारी सुबह ही पहुंच गए थे, लेकिन दोपहर से पहले ही सभी अपनी सीटों को छोड़कर खिसक लिए।
ये बने कार्यकारिणी सदस्य
1. जगबीर राणा
2. रविंद्र कुमार
3. हरपाल सिंह
4. लक्ष्मण सिंह
5. सुरेंद्र सिंह
6. दलबीर-2
7. संदीप हुड्डा
8. मिथिया राम
9. गुरमेल सिंह संधू
10. रोहतास शर्मा
11. दीपक कुमार
12.नरेश कुमार
13. सतबीर
14.करमबीर/दरबारा सिंह (दोनों के बीच टाई, छह-छह माह तक रहेंगे)
15. हूब लाल
16. तेजा सिंह
पुलिस तथा यूनिवर्सिटी सिक्योरिटी ने संभाला मोचा : सीएसओ
चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर (सीएसओ) डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि चुनाव स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए। सुरक्षा के लिहाज से मतदान केंद्र के अंदर तीन और बाहर दो सिक्योरिटी गार्ड मौजूद रहे। इसके अलावा किसी भी आपत्तिजनक स्थिति से निपटने के लिए पांच पुलिसकर्मी भी तैनात थे। इसके अलावा चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए तीन सिक्योरिटी गार्ड वाली जिप्सी लगातार पेट्रोलिंग पर रही।