कुरुक्षेत्र। शिवरात्रि के पावन पर्व की पूर्व संध्या पर जिले और शहर में कांवड़ यात्रा की धूम मची हुई है। कांवड़िये रात से ही विभिन्न शिविरों में पहुंचने लगे हैं, जहां उनके परिजनों ने मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया। माहौल में उत्साह और भक्ति का रंग चढ़ा हुआ है। इस दौरान परिजन अपने कांवड़िये बेटों के साथ शिविरों में झूमते नजर आए।
जिले के विभिन्न गांवों और मोहल्लों से कांवड़ लेकर शहर के नजदीक पहुंचने वाले कांवड़ियों का स्वागत ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल के काफिलों के साथ किया जा रहा है। ये कांवड़िये शहर में प्रवेश कर बुधवार को शिवरात्रि के अवसर पर शिवालयों में जल अर्पित करेंगे। शिवरात्रि को लेकर शिवालयों को खास तौर पर सजाया गया है, जिससे श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल और गहरा गया है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि यह पर्व उनके लिए आस्था और भक्ति का प्रतीक है। कांवड़ यात्रा के दौरान शिविरों में भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों का दौर भी जारी है। शिवरात्रि के अवसर पर जिला भगवान शिव की भक्ति में डूबा हुआ है और कांवड़िये अपने श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए तैयार हैं।
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डाक कांवड़ लेकर दौड़ते नजर आए कांवड़िये
शिव रात्रि से ठीक एक दिन पहले मंगलवार को शहर का नजारा किसी मैराथन की तरह नजर आया। यह नजारा डाक कांवड़ लेकर दूर-दराज जिलों में जाने वाले कांवड़ियों का था। शहर में एक तरफ मोटरसाइकिल एक दूसरे से आगे निकलती तो दूसरी और भगवान शिव को एक तय समय में जल चढ़ाने की होड़ में कांवड़िये एक दूसरे को काटते हुए हवा से बातें करते रहे। उन्हें सुरक्षा देने मेंं पुलिस के भी पसीने छूटे रहे। इन डाक कांवडियों में राजस्थान के श्री गंगानगर से लेकर प्रदेश के आखिरी छाेर पर बसे सिरसा तक के कांवड़िए शामिल थे। वहीं गंगानगर से आए एक कांवड़ियों के एक ग्रुप के साथी ने बताया कि गंगानगर से हरिद्वार बस में आने में भी दस घंटों से ज्यादा का समय लगता है और वह 20 घंटों में यह डाक कांवड़ भगवान बोले के चरणों में ले जाकर उनका अभिषेक करेंगे।