अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के वाशिंग सेक्शन में सोमवार दोपहर कालका-साईंनगर एक्सप्रेस ट्रेन में अचानक आग लग गई। ट्रेन की बोगी एस-5 आग की लपटों से घिर गई।
रेलवे कर्मचारी के प्वाइंट मैन और चीफ यार्ड मैनेजर ने आग वाली बोगी से अन्य बोगियों को अलग किया। आग की वजह से एस-5 बोगी पूरी तरह से जल गई। जहां ये हादसा हुआ वहीं वाशिंग सेक्शन से लगा रिजर्वेशन सेंटर भी था।
इस दौरान काफी यात्री रिजर्वेशन के लिए भी मौजूद थे। आग की खबर मिलते ही यात्रियों में भी हड़कंप मच गया। करीब डेढ़ घंटे के बाद चार फायर बिग्रेड की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।
आर्मी और एयरफोर्स को भी दी सूचना
ट्रेन में आग की खबर मिलते ही रेलवे प्रशासन ने मदद के लिए आर्मी और एयरफोर्स अथॉरिटी को भी सूचित किया गया। एयरफोर्स और आर्मी अथॉरिटी ने फायर बिग्रेड गाड़ियां और जवानों को मौके पर भेजा। आग बुझने तक दोनों सेना के जवान तैनात रहे।
इस तरह से लगी आग
कालका-साईंनगर एक्सप्रेस रविवार शाम पांच बजे अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर आई थी। 15 बोगियों में पानी भरने और मेंटेनेंस के लिए इसे वाशिंग सेक्शन की वाशिंग लाइन में खड़ा कर दिया गया। सोमवार को 12 बजकर 45 मिनट पर अचानक इस ट्रेन की बोगी नंबर एस-5 से कर्मचारियों ने धुआं निकलते देखा। इसके बाद बोगी आग की लपटों से घिर गई।
इनकी सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
12 बजकर 45 मिनट पर बोगी से धुआं निकलते आरपीएफ के जवान छोटे लाल मीना ने देखा। इसकी सूचना आरपीएफ इंस्पेक्टर सुखदेव राज को दी गई और अन्य रेलवे अफसरों को भी सूचित किया गया।
उसके बाद मुख्य यार्ड मास्टर अमरनाथ और प्वाइंट मैन सुरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। हालांकि तब तक बोगी में आग लग चुकी थी। सूचना फायर बिग्रेड को दी गई। इसी बीच अन्य बोगियों को आग से बचाने के लिए जान की परवाह न करते हुए प्वाइंटमैन सुरेंद्र कुमार आग की लपटों के बीच ही बोगी एस-6 और एस-4 को एस-5 के ज्वांइट्स से अलग कर दिया। इसी बीच दो इंजन लगाकर दोनों बोगियों को एस-5 से अलग कर दिया गया।
साईंनगर के लिए अपने समय पर होगी रवाना
सीनियर डीसीएम प्रवीण गौैड़ द्विवेदी ने बताया कि हादसे के बावजूद ट्रेन मंगलवार को कालका से साईंनगर के लिए अपने समय पर ही रवाना होगी। आग से क्षतिग्रस्त बोगी को हटा दिया गया है। बाकी बोगियों को जोड़कर उसे कालका रवाना कर दिया गया है।