कुरुक्षेत्र। कलश यात्रा निकालते हुए यज्ञमान परिवार व अन्य। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। गो गीता गायत्री सत्संग सेवा समिति के तत्वावधान में श्री मद भागवत कथा का शुभारंभ कम्युनिटी सेंटर खेड़ी राम नगर अमीन रोड पर मंगल कलश यात्रा के साथ हुआ। कलश यात्रा से पूर्व भागवत कथा के यजमान जिला परिषद के उपाध्यक्ष धर्मपाल चौधरी ने व्यास पूजन, कलश पूजन किया। इसके बाद महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली।
भागवत प्रवक्ता कथावाचक अनिल शास्त्री ने कहा की सनातन धर्म में भागवत कथा का विशेष महत्व होता है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं यही बल्कि आध्यात्मिक जागरण और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का सार भी है। किसी भी भागवत कथा के शुभारंभ से पहले कलश यात्रा निकालने की परंपरा होती है, जो पूरे आयोजन को शुभता प्रदान करती है।
अनिल शास्त्री ने कहा कि कलश यात्रा को पवित्रता, सकारात्मक ऊर्जा और शुभ संकेत का प्रतीक माना जाता है। यह यात्रा देवी-देवताओं का आह्वान करने के साथ-साथ आस-पास के वातावरण की शुद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। शास्त्रों की मानें तो कलश का पानी जल तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, जो जीवन का आधार है। इसे भगवान विष्णु का प्रतीक भी माना जाता है, इसलिए भागवत कथा से पहले कलश यात्रा निकालना अत्यंत शुभ होता है। इस अवसर पर आचार्य रंगनाथ शास्त्री ने पूजन संपन्न करवाया। इस मौके पर सरपंच सुशील कुमार, पूरण सिंह, फतेह सिंह, रमेश कुमार, सुरेश मित्तल किरमच आदि मौजूद रहे। संवाद