कुरुक्षेत्र/ पिहोवा। अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में पहली बार हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड की ओर से जंगल सफारी का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के दौरान लोगों के मनोरंजन के लिए पहली बार यह शुरूआत की गई है। स्योंसर जंगल में आमजन को जंगल सफारी का आनंद उठाने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। शनिवार से आरंभ जंगल सफारी का शुभारंभ रिटायर्ड डीजी आरसी मिश्रा व डाॅ. अर्चना मिश्रा कुलपति बीआरसी आंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी सोनीपत तथा हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया।
बोर्ड उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह ने कहा कि महोत्सव में जंगल सफारी की पहल की जा रही है। पिहोवा सहित आसपास के व अन्य कोई भी यात्रा कर जंगल को एक्सप्लोर कर सकते हैं। जंगल सफारी में रेंजर सतबीर सिंह वन विभाग की गाइडेंस में सभी को विजिट करवाया जाएगा। इसके लिए जंगल में आने-जाने की व्यवस्था सरस्वती हेरिटेल बोर्ड द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि 11 हजार एकड़ में फैला स्योंसर जंगल पर्यटन हब के रूप में उभरकर सामने आया है। इसे और अधिक विकसित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में शनिवार को जंगल सफारी का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि सरस्वती तीर्थ स्योंसर जंगल को राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की सरकार की जो योजना है उसे सार्थक रूप देने के लिए अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में आए हुए लोगों को इसकी पहचान करवाई जा रही है। योजना में जंगल के पास बड़ा जलाशय बनाने को भी इस प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। इससे वन्य प्राणियों को पीने के पानी के साथ-साथ यहां पर्यटकों के देखने योग्य स्थल बन सकेगा।
स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाए गए खाद्य पदार्थ बने पर्यटकों की पहली पसंद
महोत्सव में लक्ष्य स्वयं सहायता समूह द्वारा हाथ से बने खाद्य पदार्थ का स्टॉल लगाया गया है और इस स्टाॅल पर हाथ से बने खाद्य पदार्थ महोत्सव में आने वाले पर्यटकों की पहली पसंद बनी है। लक्ष्य स्वयं सहायता समूह से मुकेश जांगड़ा, ममता शर्मा व पिंकी शर्मा ने बताया कि वे पहली बार अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव में आए है तथा वे इस महोत्सव में हाथ से बनीं खाद्य वस्तुएं पापड़ी, कड़ी कचौड़ी, अचार, दही कचौड़ी साथ लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि वे आत्मनिर्भर होने के लिए पहली बार घर से बाहर निकले हैं तथा इस महोत्सव में उनके हाथ से बनी हुई खाद्य पदार्थों की लोग जमकर प्रशंसा कर रहे हैं। महोत्सव ने उनको आत्मनिर्भर होने का जो मंच दिया है इससे उनका मनोबल बढ़ा है। महोत्सव में आने से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका देता है जिसमें महिलाओं में छिपी हुई प्रतिभा को निखारने का मौका मिलता है।
37 यूनिट रक्त किया एकत्रित
जन सहयोग संस्था द्वारा अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव के पर्व पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें सरस्वती विकास बोर्ड के अध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। शिविर में 46 रक्तदाताओं ने अपना रजिस्ट्रेशन करवाया व 37 रक्तदाताओं ने रक्तदान किया। धुम्मन सिंह ने बताया कि संस्था जिले में स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है। सभी संस्थाओं और समाजसेवियों को इस संस्था का साथ देना चाहिए। संस्था के मिथुन ने बताया कि यह शिविर 29 जनवरी से निरंतर जारी है, जो चार फरवरी तक चलेगा। शनिवार के दिन रक्तदाताओं का हौसला बढाऩे के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रतिमा चौधरी व उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह ने बैज लगाए। इस मौके पर संस्था से गगनदीप, संस्था अध्यक्ष अंगुरी लाल, मिथुन समाना, वन स्टॉप सेंटर अधिकारी मैडम शैलजा व बाला जी वानर सेवा समिति से नरेंद्र शर्मा, केमिस्ट एसोसिएशन से संजीव मित्तल व अन्य सदस्य मौजूद रहे। रक्तदाताओं को सर्टिफिकेट तहसीलदार पिहोवा द्वारा दिया गया।