इसको लेकर केयू प्रशासन ने केयू मार्केट को छावनी में बदल दिया। जेएनयू के छात्रों ने जेएनयू विवाद को लेकर केयू के छात्र संगठनों को केयू मार्केट में एकत्रित कर वाद-विवाद के लिए बुलाया लेकिन तय समय व तय स्थल पर जब जेएनयू के छात्र केयू के सहयोगी छात्र संगठन के साथ नहीं पहुंचे तो बाकि केयू छात्र संगठनों ने नारेबाजी शुरू कर दी। नारेबाजी शुरू होते ही केयू प्रशासन आलाअधिकारियों, केयू पुलिस व आदर्श थाना एसएचओ ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए मोर्चा संभाल लिया।
यूनिवर्सिटी में दूसरा जेएनयू विवाद होते-होते टल गया। केयू में बुधवार दोपहर के समय कुरुक्षेत्र प्रशासन को सूचना मिली कि जेएनयू के छात्र कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में जेएनयू विवाद को लेकर वाद-विवाद कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं और इस आयोजन में केयू से संबंधित सभी छात्र संगठनों को आमंत्रण दिया गया। वाद-विवाद का स्थल केयू की मार्केट पार्किंग रखी गई और समय 4 बजकर 30 मिनट शाम का रखा गया। आमंत्रण मिलते ही केयू के सभी छात्र संगठनों के छात्र सदस्य केयू मार्केट में एकत्रित हो गए और धीरे-धीरे छात्रों की तादात बढ़ती गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए केयू प्रशासन ने पहले अपने रिटायर्ड फौजियों को घटना स्थल पर तैनात कर दिया लेकिन छात्रों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए केयू प्रशासन के चीफ सुरक्षा अधिकारी अनिल गुप्ता सहित छात्र अधिष्ठाता अनिल वशिष्ठ भी मौके पर केयू पुलिस, आदर्श थाना एचएचओ सहित पुलिस स्टॉफ के साथ पहुंच गए।
पाकिस्तान और जेएनयू मुर्दाबाद के लगाए नारेजब तय समय पर जेएनयू के छात्र वाद-विवाद के लिए नहीं पहुुंचे तो केयू के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, बजरंग दल, भगवान परशुराम स्टूडेंट ऑग्रेनाईजेशन ने नारेबाजी शुरू कर दी। नारेबाजी में पाकिस्तान मुर्दाबाद, जेएनयू मुर्दाबाद, हिंदुस्तान जिंदाबाद, एसएफआई मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। नारेबाजी के दौरान सूचना मिली कि केयू मार्केट में छात्रों की संख्या को देखते हुए जेएनयू के छात्रों ने वाद-विवाद से किनारा करना ही उचित समझा। वहीं शाम छह बजे तक छात्र संगठन नारेबाजी करते नजर आएं। इस पूरे समय के दौरान पुलिस व केयू प्रशासन की सांसे थमी रहीं और वे अपने मोबाईल से अपने आलाअधिकारियों को छात्रों की संख्या, नारेबाजी का कारण व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों देते नजर आएं। वर्जन"केयू प्रशासन से किसी भी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने की परमिशन नहीं ली गई। इसमें न तो लिखित कुछ आया और न ही मौखिक परमिशन मांगी गई। केयू के छात्र संगठन अपने स्तर पर केयू परिसर में कार्यक्रम आयोजित करते रहते हैं। "
प्रो.अनिल वशिष्ठ, डीन, स्टूडेंट वेलफेयर, कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, कुरुक्षेत्र।