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झमाझम बारिश, बारिश से धान को फायदा तो नुकसान भी

Fri, 02 Sep 2016 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
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भरा बारिश का पानी - फोटो : Amar Ujala
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मंगलवार को आधी रात के बाद जिला भर में हुई जोरदार बारिश के बाद बुधवार देर रात व वीरवार दिन में भी धर्मनगरी व जिला के कई क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा। वीरवार को सुबह ही बारिश शुरू हुई तो दोपहर तक कहीं तेज तो कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई। जिससे शहर के नीचे के क्षेत्रों व सड़कों पर पानी भर गया, जहां लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ तो वहीं बारिश से किसानों में खुशी देखी गई तो कुछ किसानों के चेहरे पर स्किन भी बनी रही।
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बारिश से धान को फायदा तो नुकसान भी बताया जा रहा है। किसानों व कृषि विशेषज्ञों की मानें तो धान की अगेती किस्म की अधिकतर फसल पकने के समीप पहुंची हुई है, जिसमें नुकसान हो सकता है, लेकिन बासमति व दूसरी किस्म की पछेती धान की फसल को बारिश से बड़ा फायदा माना जा रहा है।

वीरवार को जिले के थानेसर खंड में 3, शाहाबाद में 18, बाबैन में 3 व लाडवा में 13 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। पिहेवा व इस्माईलाबाद में बारिश नहीं हुई। दोपहर बाद भी कभी बादल छाए रहे तो कभी तेज धूप से भी लोग परेशान रहे। बता दें कि इस बार कल तक अगस्त माह में 208 एमएम बारिश हुई है, जो पिछले वर्ष के अगस्त माह से 8 एमएम ज्यादा है। सितंबर शुरू होते ही बारिश शुरू हुई, जिसके साथ ही विशेषज्ञों का मानना है कि इस माह भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
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  कई कालोनियों में भरा पानी
लाडवा। इंद्र देव की बेरुखी के चलते लाडवा क्षेत्र में सावन सूखा रह गया और न केवल किसान, बल्कि आमजन भी बरसात के लिए तरसते रहे। लेकिन, वीरवार को हुई बरसात से हर जगह पानी-पानी हो गया। बरसात से अग्रसेन चौक, संगम मार्केट, अनाज मंडी गेट, विकास नगर कालोनी, झांगी कालोनी, रविदास कालोनी, जिंदल पार्क के पीछे पड़ने वाली कालोनी, खेड़ा मंदिर के सामने कालोनी, लाडवा बस अड्डा परिसर, खंड संसाधन कार्यालय समेत कई अन्य कालोनियों एवं सरकारी परिसर में पानी भर गया।
इससे नालों में भरी गंदगी ओवरफ्लो होकर सड़कों के साथ-साथ लोगों के घरों और दुकानों तक घुस गई, इससे चारों तरफ दुर्गंध फैल गई। आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चारों तरफ पानी भरे होने के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया।

अगेती धान को होगा नुकसान : कर्मचंद

कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ कर्मचंद का कहना है कि हालांकि अभी अगेती किस्म की धान को आंशिक नुकसान ही हो सकता है, लेकिन बारिश अगले सप्ताह तक भी इसी प्रकार से जारी रही तो इस किस्म की धान को नुकसान अवश्य होगा। अभी हई बारिश से धान की पछेती किस्म की फसल को बड़ा फायदा हुआ है। उधर किसानों का कहना है कि पीआर व अन्य किस्म की धान की फसल पकने के लिए तैयार हो चुकी है और अब इन फसलों में बारिश का नुकसान ही होगा। किसानों का कहना है कि मौसम साफ रहे तो अगले 10 दिनों तक यह धान मंडियों में पहुंचने लगेगी।
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