जननायक जनता पार्टी के नेता व पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ओवरलोडिंग के नाम पर प्रदेश में पांच हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। सुनियोजित ढंग से हुई इस लूट में अकेले अफसरशाही शामिल नहीं बल्कि सरकार के मंत्रियों एवं विधायकों की भूमिका है। इसलिए इसकी जांच सीबीआई होने चाहिए।
बुधवार को जन चौपाल के दौरान गांव मथाना, मोरथला सहित कई गांवों में ग्रामीणों से बातचीत के दौरान दुष्यंत चौटाला ने प्रदेश सरकार पर ये आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस घोटाले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए ताकि लूट की कमाई करने वालों के कालिख भरे चेहरे जनता के सामने आ सकें। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को बचाने के लिए अधिकारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है।
उन्होंने एसआईटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहाकि अनुसार प्रदेश भर के विभिन्न जिलों से प्रति माह 120 करोड़ रुपये की लूट की जा रही थी और गणना की जाए तो एक वर्ष में 1400 करोड़ रुपये एकत्रित किए गए। और ओवरलोडिंग के नाम पर चार वर्षों में इस काली कमाई का आंकड़ा पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ओवरलोडिंग के नाम चालान करने का डर दिखा कर वाणिज्यिक वाहनों से यह अवैध वसूली की गई। वाहनों से विभिन्न जिलों में प्रति माह 100 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली बिना सरकार की सीधी सलिप्तता के होने का सवाल ही नहीं है।
पूर्व सांसद ने कहा कि मनोहर लाल सरकार में आए दिन घोटाले उजागर हो रहे हैं। सबसे पहले उन्होंने स्वयं प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये का दवा घोटाले को तथ्यों सहित उजागर किया था,जिसकी जांच सरकार ने पूरी नहीं की। इसके बाद रोडवेज में किलोमीटर स्कीम के नाम एक ऑन रिकार्ड एक हजार करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया और इस किलोमीटर स्कीम को मंजूरी देने में मुख्यमंत्री से लेकर परिवहन मंत्री का सीधा दखल था। इस स्कीम में 1000 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया। सरकार ने अब तक उजागर हुए घोटालों को बहुत ही मनोहर ढंग से दबा दिया और अधिकारियों तक ही जांच को सीमित कर दिया। हर घोटाले को प्रदेश की भाजपा सरकार मंत्रियों, विधायकों, नेताओं व अपने चहेतों को बचाने के लिए बड़े ही मनोहर तरीके से अधिकारियों को बलि की बकरा बनाने का प्रयास कर रही है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि यह इन घोटालों की जांच निष्पक्ष व सही ढंग से की जाए तो कई चेहरे सामने आएंगे।