सेक्टर-3 में दूषित पेयजल के कारण पीलिया की चपेट में आए मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 80 तक पहुंच गया है, जिसकी स्वास्थ्य विभाग ने जांच के बाद पुष्टि की है, हालांकि ऐसे सैकड़ों सेक्टरवासी पीलिया की चपेट में आए हुए है, जिनका निजी अस्पताल से उपचार चल रहा है। पीलिया की चपेट में आए सात माह की गर्भवती महिला सहित तीन की मौत हो चुकी है, जिससे
सेक्टरवासी दहशत में तो है ही जिला प्रशासन सहित स्वास्थ्य विभाग भी सकते में है। मंगलवार को कांग्रेस की प्रदेशाध्यक्ष कुमारी शैलजा, पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा, हरियाणा राज्य महिला आयोग की सदस्य नम्रता गौड़ ने सेक्टर-3 का दौरा किया और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सांत्वना दी। इस दौरान कुमारी शैलजा ने कहा कि सरकार मृतक के परिवारों को सरकार दस-दस लाख रुपये का मुआवजा दे और जो लोग पीलिया से ग्रस्त है, उनका सरकार मुफ्त उपचार कराए।
उन्होंने कहा कि विभाग की यह बड़ी लापरवाही है। लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। शैलजा ने कहा कि विधानसभा चुनाव के मध्य नजर चुनाव में लाभ लेने के लिए सेक्टरों में गैस पाइप लाइन बिछाने का काम किया गया। आनन-फानन में किए गए काम की वजह से पीने का पानी सीवरेज से प्रभावित हो गया, जिसका खामियाजा सेक्टरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं महिला आयोग की सदस्य नम्रता गौड़ ने पीलिया से पीड़ित मरीजों से बातचीत की। इससे संबंधित उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं आनी चाहिए, इस विषय में किसी प्रकार की कोई लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की दो टीमें सहित एचएसवीपी की टीम लीकेज की जांच की जा रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग द्वारा निजी अस्पतालों में दाखिल मरीजों का आंकड़ा जुटाने के लिए एक विशेष टीम सहित चार टीमें गठित की गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की एक टीम नुक्कड़ नाटक कर आमजन को जागरूक कर रही है। जिला सर्वेक्षण अधिकारी डा. सुदेश सहोता ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीमें शहर के स्कूलों में जाकर बच्चों को पीलिया से संबंधित जागरूक कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य में अगर किसी भी प्रकार की दिक्कत लगे तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में चिकित्सक से परामर्श लें।
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सेक्टर में स्थिति को कंट्रोल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क
जिला सर्वेक्षण अधिकारी डा. सुदेश कुमार सहोता ने कहा कि बेसक सेक्टर-3 में मरीजों का आंकड़ा 80 तक पहुंच गया है, लेकिन पीलिया पर कंट्रोल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। कहा कि विभाग द्वारा गुरुद्वारा में अस्थाई ओपीडी चलाई गई है। संदिग्ध मिलने पर विभाग की टीम द्वारा मरीजों के ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं और स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की हिदायतें दी जा रही है। मंगलवार को पांच नये मामले सामने आए हैं। बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा 130 अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सेक्टर-3, 30 और डेरा रामपुरा सहित आसपास लगते क्षेत्रों में लोगों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। विभाग द्वारा अब तक 327 मरीजों के ब्लड जांच कर चुका है। वहीं सेक्टरवासियों को हैलोजन की गोलियां व ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं।
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विधायक ने सीएम से की बातचीत, लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सीएम को लिखा पत्र
विधायक सुभाष सुधा ने सेक्टर-3 की मौजूदा स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल से बातचीत की है। इस दौरान उन्होंने लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने सीएम के समक्ष सेक्टर-3 में पीने की पानी की पाइप लाइन को बदलवाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इसपर सीएम ने अपनी सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त से लगातार फीडबैक ली जा रही है। इस मामले में उपायुक्त की ओर से जांच रिपोर्ट भी तैयार की गई है। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार को लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ लिखा गया है।