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जाटों ने हिसार-हरिद्वार स्टेट हाईवे पर डाला डेरा

Thu, 18 Feb 2016 11:49 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
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जाट आरक्षण की आग अब कुरुक्षेत्र में भी सुलग उठी है। समाज के लोगों ने जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले हिसार-हरिद्वार स्टेट हाईवेे पर डेरा डाल लिया। समाज के लोगों ने प्रदेश सरकार से लेकर भाजपा सांसद राजकुमार सैनी के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए जमकर प्रदर्शन किया।
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वीरवार सुबह साढ़े ग्यारह बजे कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के थर्ड गेट पर जाटों द्वारा लगाया गया अनिश्चितकालीन जाम देर रात तक जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को पीपली में नेशनल हाईवे जाम करने का भी ऐलान किया। स्टेट हाईवे जाम होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पुलिस को भी वाहन दूसरे लिंक मार्गों से निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जाम लगा रहे लोगों को समझाने के लिए पुलिस अधिकारियों ने कई बार प्रयास किए, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी एक नहीं सुनी और आंदोलन को और भी कड़ा किए जाने की चेतावनी देते रहे।
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जाट धर्मशाला में सुबह ही एकत्रित हुए सैंकड़ों युवा
जाट धर्मशाला में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष शमशेर ढुल के नेतृत्व में सैंकड़ों युवा सुबह ही एकत्रित हो गए। जहां उन्होंने जाट आरक्षण को लेकर प्रदेश सरकार व सांसद राजकुमार सैनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तो आरक्षण के समर्थन में जमकर गरजे।

युवाओं के यहां एकत्रित होने की सूचना मिलते ही धर्मशाला प्रशासक एवं शाहबाद एसडीएम हवा सिंह मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया। इसके बाद सभी युवा नारेबाजी करते हुए केयू थर्ड गेट पहुंच गए और सड़क पर जाम लगा दिया।

सड़क के बीच खेलते रहे ताश
सड़क जाम करने वाले आरक्षण संर्घष समिति के कार्यकर्ताओं व दूसरे युवाओं ने सड़क को पूरी तरह से जाम कर दिया। वहां से एक बाईक भी दिनभर नहीं गुजरने दी। सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की तो वहीं पर युवाओं की टोलियां बीच सड़क पर ताश खेलती रही।

दोपहर का खाना भी प्रदर्शनकारियों के लिए वहीं पहुंच गया तो प्रदर्शन में शामिल बुजुर्ग वहीं पर हुक्का बजाते रहे। दोपहर बाद से लेकर देर सायं तक यहां कुछ युवाओं द्वारा प्रस्तुत की गई रागनियों का प्रदर्शनकारी आनंद लेते रहे।

पुलिस ने रेलवे ट्रैक जाम करने से रोका
सुबह ही सड़कों पर उतरे जाट समाज के युवाओं व दूसरे लोगों ने केयू थर्ड गेट के सामने ही कुरुक्षेत्र-जींद रेल मार्ग भी बधित करने का मन बनाया और वह रेलवे ट्रैक की ओर चले ही थे कि डीएसपी रमेश गुलिया व एसएचओ रामकुमार ने उन्हें समझाया।

जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ही डेरा जमा लिया। इसे खुलवाने के लिए डीएसपी व एसएचओ कई बार आंदोलनकारियों को मनाने का प्रयास करते रहे, लेकिन उन्होंने इन पुलिस अधिकारियों की एक न सुनी।

ये रहे रोड जाम करने के दौरान मौजूद
प्रदर्शन का नेतृत्व जाट नेता मांगे राम ढुल ने किया तो वहीं जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष शमशेर ढुल, जाट धर्मशाला के पूर्व प्रधान रणजीत सिंह, होशियार सिंह, दलबीर ढांडा, जसवंत सिंह, विशाल कुमार, महेंद्र सिंह सहित आसपास के दर्जनों गांवों के सैकड़ों अन्य लोग शामिल रहे। इनमें युवाओं के अलावा छात्रों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।

चंडीगढ़-जयपुर इंटरसिटी का बदला रूट
जाट आरक्षण को लेकर आंदोलन कर रहे समाज के लोग वीरवार देर सायं तक रेलवे ट्रैकों से दूर रहते हुए केवल सड़कों पर ही जमे रहे। जिसके चलते जिलेभर में रेलवे पर अधिक असर नहीं दिखाई दिया।

इसी बीच रेलवे ने चंडीगढ़ से जयपुर वाया कुरुक्षेत्र से कैथल जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन का रूट बदल दिया गया। इस ट्रेन को चंडीगढ़ से कुरुक्षेत्र होते हुए सीधे दिल्ली के लिए रवाना किया गया।

रोडवेज ने किए 3 रूट बंद
हरियाणा रोडवेज कुरुक्षेत्र डिपो महाप्रबंधक रोहताश सिंह ने बताया कि रोहतक, सिरसा व हिसार में जाट आंदोलन के चलते डिपो से यहां जाने वाली बसें बंद कर दी हैं। इन बसों को अब चंडीगढ़ भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि केयू थर्ड गेट व लाडवा में लगाए गए जाम से कई घंटे तक बसें बाधित रही, लेकिन जैसे ही सुविधा की सूचना मिली तभी लाडवा से यमुनानगर के लिए बसें भेज दी गई।


विद्यार्थियों व आमजन को भारी परेशानी
केयू के समक्ष जाम लगाए जाने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अत्यंत व्यस्त रहने वाले इस रूट पर यातायात पूरी तरह से बधित हो गया, जिसका शिकार हर छात्रों को भी होना पड़ा। पुलिस ने यहां से गुजरने वाले यातायात को लिंक रूट से निकाला, जहां सैकड़ों वाहन जाम में फंसे रहे।

सभी वर्गों का आरक्षण खत्म करने पर सहमत : मांगेराम
केयू के समक्ष लगाए गए जाम की अध्यक्षता कर रहे मांगेराम ढूल ने कहा कि वह सभी जातियों के लिए आर्थिक आधार पर आरक्षण दिए जाने पर सहमत है, लेकिन इससे पहले अब तक भी दिए जा रहे सभी जातिगत आरक्षण रद्द करने होंगे।

उन्होंने कहा कि बुधवार को सीएम से मिलने गए कुछ लोग स्वार्थी स्तर के थे, जिस कारण ही उनके द्वारा की गई बातचीत के बाद भी आंदोलन समाप्त नहीं हुआ। यह आंदोलन अब मांग पूरी होने के बाद ही संपन्न होगा। उन्होंने कहा कि अगर जाटों को सरकार आरक्षण देती है तो यह ओबीसी के 27 फीसदी में दिया जाए, इसके अलावा कोई शर्त उन्हें मान्य नहीं।

लाडवा में भी भड़की आरक्षण की चिंगारी
जाट आरक्षण की मांग के चलते जाट समाज के लोगों ने लाडवा में लगभग दो घंटे तक अंबेडकर चौक पर जाम लगा जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तो वहीं सांसद राजकुमार सैनी का पुतला भी फूंका। प्रदर्शन करने वाले व जाम लगाने वालों में युवाओं के साथ-साथ बुजुर्ग भी शामिल रहे।

इससे पहले सभी जाट युवा व बुजुर्ग लाडवा के किसान विश्राम गृह में इकट्ठे हुए और वहीं से नारेबाजी करते हुए अंबेडकर चौक पर पहुंचे। अंबेडकर चौक पर जाटों ने सभी मार्गों पर वाहन खड़े कर तथा मानव श्रृंखला बनाकर जाम लगा दिया। सुबह लगभग साढ़े ग्यारह बजे जाटों ने सड़क पर जाम लगाया था और पौने दो बजे एसडीएम सतबीर कुंडू की अपील के बाद जाम खोला।

इससे पहले जाम लगा रहे जाटों ने अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य आशीष फौजदार की अगुवाई में एसडीएम सतबीर कुंडू को ज्ञापन भी सौंपा। अंबेडकर चौक के अलावा जाटों ने यमुनानगर मार्ग पर बन चुंगी के पास भी जाम लगाया। यहां पर भी भाजपा सरकार व सांसद राजकुमार सैनी के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सांसद सैनी की बदजुबानी ने जाटों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया। यह आंदोलन आरक्षण मिलने तक शांत नहीं होगा। प्रदर्शन करने वालों में आशीष फौजदार के अलावा बलजीत जैनपुर, साहब सिंह, रामकरण जैनपुर, मेनपाल बुढ़ा, धर्मपाल छलौंदी, जसबीर जैनपुर, अजीत सिंह भूतमाजरा, जंगशेर बुढ़ा, प्रदीप पंजेटा, सुरेंद्र छलौंदी, जेलदार सुरेंद्र सिंह समेत भारी संख्या में युवा व बुजुर्ग उपस्थित रहे।   

राहगीरों को हुई परेशानी
अंबेडकर चौक पर जाम के कारण लाडवा-करनाल, लाडवा-कुरुक्षेत्र, लाडवा-यमुनानगर मार्ग पर वाहनों का जाम लग गया। इससे कारण पुलिस को इधर-उधर से वाहनों की आवाजाही करानी पड़ी। यहीं नहीं बन चुंगी पर जाम के बाद तो मुसाफिरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

शांति बनाए रखने की अपील करती रही पुलिस
अंबेडकर चौक पर जाम लगते ही न केवल लाडवा के नायब तहसीलदार प्रेमचंद मौके पर पहुंच गए, बल्कि अंग्रेज सिंह मोर, पुलिस उपाधीक्षक आर्यन चौधरी, लाडवा थाना प्रभारी कमलदीप राणा व उनकी टीम भी मौके पर पहुंच गई।

प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस ने आंदोलनकारियों को समझाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन आंदोलनकारी सड़क पर जमे रहे। पुलिस बार-बार प्रदर्शनकारियों को शांति बनाए रखने की अपील करती रही।

रोड़ समाज ने बजाया आरक्षण का बिगुल
कुरुक्षेत्र। अखिल भारतीय रोड़ आरक्षण मंच के बैनर तले रोड़ समाज के लोगों ने वीरवार को रोड़ धर्मशाला में बैठक कर आरक्षण की मांग की। डॉ. रामदिया मेहला ने रोड़ समाज को हरियाणा और केंद्र में आरक्षण देने की मांग की। उन्होंने कहा कि रोड़ समाज भी आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे जाटों के साथ है।

यदि जाट समाज के लोग रोड़ समाज के लिए भी आरक्षण मांगेंगे, तो रोड़ समाज भी जाटों का साथ देगा। डॉ. मेहला ने कहा कि रोड़ समाज के पास न तो अधिक जमीन है और वे संख्या में भी कम हैं। रोड़ समाज को ओबीसी में शामिल किया जाना चाहिए। बैठक में फतेह सिंह खेड़ी, पलवल के पूर्व सरपंच पिरथी सिंह, रतिराम, कृष्ण सूबेदार, धर्म सिंह, मंगत पबनावा, सुरेंद्र मेहला आदि मौजूद थे।

आरक्षण आंदोलन को जट सिखों का समर्थन
कुरुक्षेत्र। आरक्षण की को लेकर धरने पर बैठे जाट समुदाय को जट सिख सभा ने भी समर्थन दे दिया। इससे पूर्व वीरवार को सेक्टर-8 स्थित गुरुद्वारा बैकुंठ धाम में हुई बैठक में जट सिख समुदाय के लोगों ने भाग लिया। जट सिख सभा के प्रधान हरपिंद्र सिंह विर्क ने कहा कि जाट, जट सिख, बिश्नोई, त्यागी और रोड़ समुदाय के लोग आर्थिक रूप से पिछड़े हैं।

इसलिए इन सभी बिरादरियों का आरक्षण पर बराबर हक बनता है। उन्होंने कहा कि वर्षों पहले से जट सिख, बिश्नोई, रोड़ और जाट समुदाय के लोगों को आर्थिक रूप से सम्पन्न कहा जाता था। सभी बिरादरियों की जमीनों के हिस्से होने के कारण अब वे पहले जैसे आर्थिक रूप से संपन्न नहीं रहे।

इसलिए सभा ने धरने पर बैठे जाट समुदाय के लोगों को समर्थन देने का फैसला लिया है। इस मौके पर बैकुंठधाम सेवा सोसायटी के प्रधान जसबीर सिंह वड़ैच, सतनाम सिंह विर्क, परमजीत सिंह, सुखदीप सिंह, मलकीत सिंह, परमिंद्र सिंह, हरविंद्र सिंह, सुलतान सिंह रोजड़ा, दिलबाग सिंह, अरविंद्र सिंह चीमा, कृष्ण कुमार नरवान, लखविंद्र सिंह हुंदल, नवाब सिंह संधू, इकबाल सिंह हुंदल, सरबजीत सिंह, लखविंद्र सिंह संधू आदि मौजूद थे।
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