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Kurukshetra News: जगन्नाथ रथ यात्रा कल, इस्कॉन के साथ प्रशासन ने पूर्ण की तैयारी, जगह-जगह बनाए स्वागत द्वार

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कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में इस्कॉन के द्वारा इस बार भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा एक ऐतिहासिक व अध्यात्मिक रहने वाली है। शनिवार यानी कल होने वाली इस यात्रा की तैयारियां इस्कॉन व प्रशासन ने पूर्ण कर ली हैं। रथ यात्रा से एक दिन पूर्व ही शहर का वातावरण भक्ति, रंग और उल्लास से सराबोर हो चुका है। इस वर्ष यात्रा में का दृश्य भक्तों के लिए अपूर्व व अध्यात्मिकता की अनुभूति लेकर आएगा।
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यात्रा का शुभारंभ इस्कॉन श्रीकृष्ण-अर्जुन मंदिर में महाआरती व विशाल प्रसादम से होगा। रथ यात्रा का प्रारंभ दोपहर 12 बजे से इस्कॉन श्रीकृष्ण-अर्जुन मंदिर ज्योतिसर में भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की भव्य महाआरती से होगा। पूरे परिसर को भक्ति-संगीत, वेद-मंत्रों और पुष्प सज्जा से सुसज्जित किया गया है। देश-विदेश से आए सैकड़ों श्रद्धालु इस महाआरती में भाग लेंगे। रथ यात्रा का समापन रात्रि में सेक्टर 13 स्थित कांग्रेस भवन पर होगा, जहां सभी के लिए विशाल रात्रि भंडारे की व्यवस्था की गई है। वहीं पूरे आयोजन के लिए पुलिस व जिला प्रशासन और नगर निगम की ओर से सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण, प्राथमिक चिकित्सा, जल वितरण एवं आपात सेवा की प्रभावी व्यवस्था की गई है। सैकड़ों स्वयंसेवकों की टीम श्रद्धालुओं की सेवा में तैनात रहेगी।



शहर हुआ अलौकिक रूप से सुसज्जित हुए स्वागत द्वार
इस रथ यात्रा को नगर के कोने-कोने से जोड़ा गया है। पूरे यात्रा मार्ग पर अनेक भव्य स्वागत द्वार बनाए गए हैं जो भक्तों और भगवान के स्वागत का प्रतीक हैं। इसके साथ ही प्रमुख चौराहों व सड़कों पर आकर्षक रंगोली सजावट की जा रही है, जो नगर को एक पावन उत्सव स्थल में परिवर्तित कर रही है। भगवान के रथ के मार्ग पर स्थान-स्थान पर पुष्पवर्षा कीविशेष व्यवस्था की गई है, जिसमें क्रेनों और यंत्रों की सहायता से फूलों की वर्षा होगी।
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विशेष 56 भोगों काे क्रेन की साहयता से रास्ते में चढ़ाया जाएगा

भगवान श्री जगन्नाथ को रथ यात्रा मार्ग में ही 56 भोग अर्पित किए जाएंगे। इस विशेष सेवा के लिए दिल्ली, कुरुक्षेत्र और अन्य क्षेत्रों से आए विशिष्ट भक्तों द्वारा पारंपरिक विधि से तैयार किए गए विविध भोगों को क्रेन की सहायता से रथ पर चढ़ाया जाएगा।
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