कुरुक्षेत्र। भारतीय जनता पार्टी की ओर से हारी हुई विधानसभा सीटों पर सत्ता पक्ष के विधायक को प्रभारी लगाना निंदनीय है। भाजपा का यह निर्णय संविधान के खिलाफ है। विपक्ष का विधायक भी उतना ही मान्य है जितना सत्ता पक्ष का विधायक। लोकतंत्र में प्रॉक्सी एमएलए की कोई जगह नहीं है। यह कहना है थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा का।
यहां जारी बयान में उन्होंने कहा कि भाजपा सबका साथ सबका विकास नहीं चाहती बल्कि सबका हक छीनने वाली पार्टी है।
जब से भाजपा की सरकार बनी है, तभी से आम आदमी की जेब पर डाका डाला जा रहा है। पहले बिजली दरों में तीन बार बढ़ोतरी की, फिर टोल टैक्स की दरें बढ़ाईं और अब कलेक्टर रेट में इजाफा करके लोगों का घर बनाना भी सपना बना दिया है। अरोड़ा ने सवाल उठाया कि सरकार का बजट अगर दो लाख करोड़ रुपये से ऊपर जा रहा है, तो वो पैसा जनता का ही है, तो फिर कलेक्टर रेट बढ़ाकर गरीब आदमी का घर बनाना क्यों महंगा किया जा रहा है। ये पैसा जनता का है और सरकार जनता की होनी चाहिए।
अशोक अरोड़ा ने कहा कि सूबे में कानून-व्यवस्था जीरो हो चली है। हर रोज 3-4 हत्याएं और रेप जैसी घटनाएं हो रही हैं। हरियाणा जैसे प्रदेश में नशा तेजी से फैल रहा है लेकिन सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। आज किसान को यूरिया तक नहीं मिल रहा है। शहर में जल निकासी की समस्या के लिए कहा कि 25 साल तक नगर परिषद में एक ही परिवार के लोग कुर्सी पर रहे। अरोड़ा ने कहा कि इस बार नालों की सफाई का काम शुरू हुआ है। इससे पहले नालों की सफाई केवल कागजों में दिखाकर पैसे खाए जाते थे। नगर परिषद में इसी तरह से काम हो रहा था। अब विरोध करने पर धरातल पर काम होने लगा है।