कुरुक्षेत्र। राजपूत समाज के लोगों ने क्षत्रिय संघर्ष समिति के बैनर तले उपायुक्त कार्यालय के सामने जमकर प्रदर्शन किया। जिला रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसायटी के खिलाफ धरना दिया। इस दौरान जोरदार नारेबाजी की गई। उन्होंने एडहॉक कमेटी को तुरंत प्रभाव से खारिज कर क्षत्रिय सभा पर पुन: प्रशासक लगाने की मांग की। प्रदर्शन के बाद क्षत्रिय संघर्ष समिति ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले समाज के सभी लोग महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल में पहुंचे। समिति के सदस्यों ने कहा कि तीन दिन के बाद अशोक कमेटी को खारिज कर प्रशासक को नियुक्त नहीं किया गया तो उन्हें प्रदेश स्तरीय आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। प्रदर्शन में सुगम पाल राणा, कानूनगो सतपाल राणा, करनाल जिला से सुकराम पाल बॉबी, विक्रम, नरेश, यमुनानगर से संग्राम सिंह, भीम सिंह, शेर सिंह, अंबाला से रवि पाल, सुबोध सिंह, रणदीप सिंह, रायसिंह जिला कैथल से श्याम सिंह, कृष्ण कुमार, फूल सिंह, श्याम सिंह स्यामी व राजवीर राणा, प्रिंसिपल सुभाष तंवर, तिलकराज राणा, नरेश भुस्तला, ओमवीर राणा, चंद्रपाल बीबीपुर, सुरजीत सिंह, मोहन रघुवंशी, सुरेंद्र जलबेहडा, एम.एस. राणा, भूपेंद्र बीबीपुर, कुलदीप बीबीपुर, कुशलपाल बीबीपुर, संजीव लुखी, विक्रम सिंह,
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एडहॉक कमेटी एक्ट के बिल्कुल विपरीत : मोहन सिंह
क्षत्रिय संघर्ष समिति संयोजक मोहन सिंह राणा चनालहेडी ने कहा कि जिला रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी द्वारा गठित एडहॉक कमेटी एक्ट के बिल्कुल विपरीत है। रजिस्ट्रार ने अपने पत्र में 39 की उप धारा 10 के तहत पुराने कार्यकारिणी सदस्यों में से एडहॉक कमेटी में पांच सदस्यों को लिए जाने की बात कही है जोकि 39 की उप धारा 10 के तहत गठित ही नहीं की जा सकती। यह सारा काम रजिस्ट्रार के साथ आपसी मिलीभगत से एक सोची समझी साजिश के तहत की गई है। जिसका जल्द ही पर्दाफाश किया जाएगा। मोहन सिंह राणा ने कहा कि उनकी मुख्य दो ही मांगे हैं। एक तो एडहॉक कमेटी को तुरंत प्रभाव से खारिज किया जाए और दूसरा पहले की तरह क्षत्रिय सभा के कार्यों की देखरेख के लिए प्रशासक नियुक्त किया जाए।