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Kurukshetra News: पिहोवा की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान, जिला बनना बेहद जरूरी

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पिहोवा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष काबुल सिंह। - फोटो : Samvad
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पिहोवा। जब से उपमंडल पिहोवा को जिला बनाने की मांग उठी है तब से आए दिन विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों व ग्राम पंचायतों के साथ-साथ वकीलों, व्यापारियों व आम लोग भी खुलकर सामने आ रहे हैं। हर किसी ने जिला बनाने के पीछे तर्क देने शुरू कर दिए हैं।
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लोगों का कहना है कि जिला बनना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसकी पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर तक है। जिला बनेगा तो उसी अनुरूप विकास हो सकेगा।
सरस्वती तीर्थ है यहां

पिहोवा संकल्प समिति के सह संयोजक और 48 कोस परिक्रमा समिति के सदस्य रामधारी शर्मा का कहना है कि धार्मिक दृष्टि से पिहोवा का राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम प्रसिद्ध है जहां पर लाखों की संख्या में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। क्योंकि यहां पर प्रसिद्ध सरस्वती तीर्थ है। यदि पिहोवा को जिला बनाया जाता है तो वहीं सुविधाएं यहां भी पर्यटकों को मिल सकेंगी।
पेपर मील से है पहचान

बार एसोसिएशन के प्रधान काबुल सिंह एडवोकेट का कहना है कि पिहोवा में देशी घी बनाने का बहुत बड़ा प्लांट है। पिहोवा में अंतरराष्ट्रीय स्तर की पेपर मिल हैं, जहां से पेपर तैयार कर विदेशों में भेजा जाता है जिस कारण ट्रांसपोर्ट काफी ज्यादा चलता है। पिहोवा के साथ लगते गांव में कई अन्य धार्मिक स्थल हैं, जहां पर विकास की दृष्टि से बहुत कुछ काम किया जा सकता है ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।
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मगर प्रजनन केंद्र महत्वपूर्ण

मलिकपुर के सरपंच रविंद्र काजल ने बताया कि गांव अरुणाय में विश्व प्रसिद्ध संगमेश्वर महादेव मंदिर है। गांव सारसा में अप्रवासी पक्षियों का अभयारण्य है। गांव भौरसैदा में उतर भारत का मगरमच्छ प्रजनन केंद्र है। गांव सयोंसर में 11 हजार एकड़ में बहुत बड़ा जंगल है। अगर पिहोवा जिला बनता है तो इन सब स्थानों को विकसित करने के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार से विशेष सहयोग मिलेगा। इसके साथ ही गांव थाना में 105 एकड़ में फैला ऐतिहासिक ब्रह्मसरोवर है जिसमें विशेष प्रजाति के कछुए व अन्य जलीय जीव हैं। यह एक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल होने के कारण कई महत्वपूर्ण विशेषताओं को प्रदर्शित करता है।
गांव-गांव कर रहे संपर्क

सरपंच एसोसिएशन के प्रधान जे पी मैहला ने बताया कि पिहोवा को जिला बनाने के लिए ग्रामीण स्तर पर लोग प्रयास कर रहे हैं और गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं। जिला बनने से सरकार की ओर से यहां स्पेशल पैकेज दिया जाएगा। पिहोवा के आसपास हजारों एकड़ पंचायती भूमि है जिसमें सरकारी कार्यालयों का निर्माण हो सकेगा।

पिहोवा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष काबुल सिंह।- फोटो : Samvad

पिहोवा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष काबुल सिंह।- फोटो : Samvad

पिहोवा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष काबुल सिंह।- फोटो : Samvad

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