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अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव: कुरुक्षेत्र पहुंचे उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, हरियाणा पवेलियन देख हो उठे गदगद

Sun, 08 Dec 2024 03:38 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)

सार

उपराष्ट्रपति ने प्रदेश सरकार की और से लगाई गई राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया तो हरियाणा पवेलियन में भी पहुंचे। प्राचीन लुप्त होते चीजों के प्रदर्शन को देख बोले कि मजा आ गया।
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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ - फोटो : संवाद
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विस्तार
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एक पेड़ मां के नाम हर किसी को लगाना होगा और इसे जन अभियान बनाना होगा। इसमें अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक शामिल करनी होगी। तभी व्यापक स्तर पर इस अभियान का असर दिखाई देगा और हम अपनी प्रकृति को बचाने में कुछ स्तर तक कामयाब भी होंगे। यह आह्वान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किया। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहुंचने के बाद हुए एक पेड़ नाक मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण कर रहे थे। उनके साथ राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय व मुख्यमंत्री नायब सैनी भी थे। 

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उपराष्ट्रपति ने प्रदेश सरकार की और से लगाई गई राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया तो हरियाणा पवेलियन में भी पहुंचे। प्राचीन लुप्त होते चीजों के प्रदर्शन को देख बोले कि मजा आ गया। उन्होंने नए केवल शिल्पकारों की जमकर तारीफ की बल्कि मुख्यमंत्री को भी कहा कि हमें प्राचीन चीजों को लुप्त नहीं होने देना है इसके लिए सरकार की ओर से प्रयास करने होंगे। उपराष्ट्रपति ने कई शिल्पकारों से भी चर्चा की तो कहीं चीज खरीदी और शिल्पकारों को उनके पैसे भी चुकाएं। इसके उपरांत उपराष्ट्रपति गीता ज्ञान संस्थान में भी पहुंचे जहां उन्होंने गीता को हर इंसान के लिए जरूरी बताया और कहा कि भगवान श्री कृष्ण द्वारा दिए गए उपदेश आज भी प्रासंगिक है।

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ब्रह्मसरोवर के घाटों पर नजर आ रहा देश की लोक संस्कृति का महाकुंभ

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के चलते ब्रह्मसरोवर के घाटों पर देश की लोक संस्कृति का महाकुंभ देखने को मिला। इस लोक संस्कृति के महाकुंभ में जम्मू कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, असम, राजस्थान, उत्तराखंड के कलाकार अपने-अपने प्रदेश के लोक नृत्यों से दर्शकों को गदगद कर रहे हैं।

वहीं दर्शक सरस और शिल्प मेले में शिल्प कलाओं के साथ-साथ देश की लोक संस्कृति को देख रहे हैं तथा शिल्पकारों की कारीगरी की सराहना कर रहे हैं। महोत्सव के एक मंच पर देश-विदेश के अलग-अलग राज्यों की लोक संस्कृति को देखकर हर कोई आनंदित महसूस कर रहा है। वहीं कलाकार भी दर्शकों के हुजूम और उत्साह को देखकर मदमस्त होकर अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। कलाकारों की प्रस्तुति को देख प्रत्येक व्यक्ति भी अपने पांव को रोक नही पा रहा तथा थिरकने पर मजबूर हो रहा है।



ब्रह्मसरोवर तट के चारों ओर रौनक छाई हुई है। पर्यटक भी लोकनृत्य और लोक कलाकारों का भरपूर आनंद ले रहे हैं। लोक कलाकार वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनियों से पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। विभिन्न कलाकारों के बीच में से एक सपेरा बीन पार्टी अपनी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए महोत्सव में जगह-जगह घूम कर अपनी लोक वाद्य कला बीन का प्रदर्शन कर रही है।

इसी के साथ जंगम जोगी और अन्य कलाकार अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। सपेरा बीन पार्टी के कलाकार अपनी इस कला का प्रदर्शन इटली और दुबई में भी कर चुके हैं और पिछले कई वर्षों से गीता महोत्सव में लोगों को इस कला से आकर्षित कर रहे हैं, उनकी कला के प्रति पर्यटकों का उत्साह और रुझान निरंतर बढ़ रहा है।
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