अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के चलते ब्रह्मसरोवर के घाटों पर देश की लोक संस्कृति का महाकुंभ देखने को मिला। इस लोक संस्कृति के महाकुंभ में जम्मू कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, असम, राजस्थान, उत्तराखंड के कलाकार अपने-अपने प्रदेश के लोक नृत्यों से दर्शकों को गदगद कर रहे हैं।
वहीं दर्शक सरस और शिल्प मेले में शिल्प कलाओं के साथ-साथ देश की लोक संस्कृति को देख रहे हैं तथा शिल्पकारों की कारीगरी की सराहना कर रहे हैं। महोत्सव के एक मंच पर देश-विदेश के अलग-अलग राज्यों की लोक संस्कृति को देखकर हर कोई आनंदित महसूस कर रहा है। वहीं कलाकार भी दर्शकों के हुजूम और उत्साह को देखकर मदमस्त होकर अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। कलाकारों की प्रस्तुति को देख प्रत्येक व्यक्ति भी अपने पांव को रोक नही पा रहा तथा थिरकने पर मजबूर हो रहा है।
ब्रह्मसरोवर तट के चारों ओर रौनक छाई हुई है। पर्यटक भी लोकनृत्य और लोक कलाकारों का भरपूर आनंद ले रहे हैं। लोक कलाकार वाद्य यंत्रों की मधुर ध्वनियों से पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। विभिन्न कलाकारों के बीच में से एक सपेरा बीन पार्टी अपनी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए महोत्सव में जगह-जगह घूम कर अपनी लोक वाद्य कला बीन का प्रदर्शन कर रही है।
इसी के साथ जंगम जोगी और अन्य कलाकार अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। सपेरा बीन पार्टी के कलाकार अपनी इस कला का प्रदर्शन इटली और दुबई में भी कर चुके हैं और पिछले कई वर्षों से गीता महोत्सव में लोगों को इस कला से आकर्षित कर रहे हैं, उनकी कला के प्रति पर्यटकों का उत्साह और रुझान निरंतर बढ़ रहा है।