- केंद्रीय ऊर्जा मंत्री एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल 29 नवंबर को विराट संत सम्मेलन में शामिल हुए और हरियाणा पैवेलियन का भी अवलोकन किया।
- उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 29 नवंबर को महोत्सव के विराट संत सम्मेलन में शामिल हुए।
- उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन 30 नवंबर को महोत्सव के देव स्थानम सम्मेलन में शामिल हुए। उनका महोत्सव के साथ धर्मनगरी में पहली बार आगमन हुआ।
- योग गुरु स्वामी रामदेव 1 दिसंबर को वैश्विक गीता पाठ में शामिल हुए।
- महोत्सव में छह बार मुख्यमंत्री नायब सैनी और दो बार भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली पहुंचे।
महोत्सव में यह भी पहली बार हुआ
- केंद्रीय विदेश मंत्रालय महोत्सव में सीधे तौर पर सहभागी बना।
- देश के प्रमुख हवाई एयरपोर्ट पर महोत्सव के होर्डिंग और बोर्ड लगे।
- श्री जगन्नाथ मंदिर ओडिशा, श्री बांके बिहारी मंदिर वृंदावन, कृष्ण जन्मभूमि मंदिर मथुरा, श्री महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन द्वारकाधीश मंदिर गुजरात, श्री गोविंद देव मंदिर जयपुर सहित अन्य तीर्थ स्थलों पर महोत्सव का सीधा प्रसारण हुआ।
- 21 हजार स्कूली बच्चों ने वैश्विक गीता पाठ किया।
- नगर की 18 सामाजिक संस्थाओं ने महोत्सव के शुभारंभ पर निकाली शोभायात्रा, जो गीता के 18 अध्यायों के थीम पर रही।
- महोत्सव 21 दिन और मुख्य कार्यक्रम आठ दिन के किए गए।
- देव स्थानम सम्मेलन में देश के 64 देव स्थानों के पंडित, पुजारी व संचालक पहुंचे।
इन खास कलाकारों व भजन गायकों ने भरा रंग
- 24 नवंबर को पद्मिनी कोल्हापुरी।
- 26 नवंबर को महाभारत के दुर्योधन पुनीत इस्सर।
- 27 नवंबर को सुरेश वाडेकर।
- 29 नवंबर को डॉ. हरिओम पंवार।
- 30 नवंबर को साध्वी पूर्णिमा।
- 01 दिसंबर को अनूप जलोटा।
प्रदेश व केंद्र सरकार के प्रयास से हुआ संभव : उपेंद्र
केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का स्तर इस बार मुकाम पर पहुंचा है। यह प्रदेश व केंद्र सरकार के प्रयासों से ही संभव हो पाया है। अब अगले गीता महोत्सव को इससे भी व्यापक स्तर पर मनाए जाने के प्रयास होंगे जिसके लिए अभी से तैयारी शुरू की जाएगी।