कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के दौरान इस बार पर्यटक ब्रह्मसरोवर तट पर पवित्र सरस्वती नदी की महत्ता से रूबरू होंगे। वे यहां नदी के महाभारतकालीन तीर्थों के इतिहास, इनकी महत्ता, सरस्वती नदी पर अब तक किए शोध जीर्णोद्धार को भी देख सकेेंगे। यही नहीं सरस्वती नदी को संवारने के लिए बनाई गई योजना से भी अवगत होंगे। इसके लिए विशेष तौर पर ब्रह्मसरोवर तट पर पुरूषोत्तमपुरा बाग में विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
प्रदेश सरकार जहां सरस्वती नदी के जीर्णोद्धार के लिए भरसक प्रयास में लगी है और इसके कुछ परिणाम भी सामने आए हैं वहीं राज्य सरस्वती हेरिटेज बोर्ड द्वारा अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती के दौरान यह प्रदर्शनी लगाए जाने की नई पहल शुरू की गई है, ताकि यहां आने वाले पर्यटक इससे जुड़ सकें और उन्हें इस नदी के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी हो। बता दें कि सरस्वती नदी प्राचीन समय में लोगों की गहरी आस्था का केंद्र रही है, लेकिन समय के साथ व जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते यह विलुप्त हो चुकी थी। प्रदेश सरकार ने न केवल सरस्वती हेरिटेज बोर्ड बनाया बल्कि इसके जीर्णोद्धार पर अब तक करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जिसके चलते ही आदिबद्री से लेकर सिरसा जिले तक के 400 किलोमीटर क्षेत्र में से 380 किलोमीटर में अब तक पानी चलाया जा चुका है तो वहीं पक्के घाट, चैनल व कॉरिडोर तक बनाए जा रहे हैं।
आज भी लोगों में सरस्वती के प्रति गहन आस्था : धुम्मन
सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के उपाध्यक्ष एडवोकेट धुम्मन सिंह किरमिच का कहना है कि आज भी लोगों की बड़े स्तर पर सरस्वती के प्रति गहन आस्था है। इसी को देखते हुए प्रदेश सरकार इसके जीर्णोद्धार में लगी है। इस पर शोध के साथ-साथ अन्य कार्य किए जा रहे हैं। गीता जयंती महोत्सव में आने वाले पर्यटक इसके बारे में हर तरह की जानकारी से अवगत हो सकें, इसके लिए पहली बार ब्रह्मसरोवर तट पर विशेष प्रदर्शनी लगाई जा रही है। अगले एक सप्ताह में इसे शुरू कर दिए जाने की तैयारी की जा रही है।
महोत्सव में हरियाणा पवेलियन-प्रदर्शनी और पुस्तक मेला रहेगा आकर्षण का केंद्र
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम 17 से 24 दिसंबर तक चलेंगे। महोत्सव में हरियाणा पवेलियन, जनसंपर्क विभाग की हाईटेक प्रदर्शनी और गीता पुस्तक मेला मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा। इस अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान सरस और क्राफ्ट मेले में 600 से ज्यादा स्टॉल लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करेंगे। असम साझेदार राज्य के रूप में शामिल होगा और इस राज्य की तरफ से राष्ट्रीय ध्वज वाले मैदान में असम पवेलियन लगाया जाएगा। सभी मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम पुरुषोत्तमपुरा बाग में होंगे, द्रोपदी कूप के समक्ष कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की तरफ से हरियाणा पवेलियन में वैदिक काल की संगीत यात्रा को दिखाने का प्रयास किया जाएगा। सूचना जनसंपर्क विभाग की तरफ से रथ के आसपास के क्षेत्र में हाईटेक राज्य प्रदर्शनी लगाई जाएगी, 22 दिसंबर को पुरुषोत्तमपुरा बाग में संत सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, 23 दिसंबर को कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में तीर्थ सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इस तीर्थ सम्मेलन में 164 तीर्थों से लगभग दो हजार प्रतिनिधि पहुंचेंगे। इन तीर्थों से प्रतिनिधि मिट्टी और पानी भी लेकर आएंगे।
स्थानीय लेखकों द्वारा लिखी गीता भी होगी आकर्षण : उपेंद्र
केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल का कहना है कि महोत्सव के दौरान 17 से 24 दिसंबर तक चलने वाले गीता पुस्तक मेले में स्थानीय लेखकों द्वारा लिखी गई पवित्र गीता ग्रंथ को भी रखा जाएगा। इस बार मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने वाले नितीश भारद्वाज, फिल्म अभिनेत्री भाग्यश्री सहित कई जानी मानी हस्तियां शामिल होंगी, सात से 24 दिसंबर भजन संध्या, आरती और 23 दिसंबर को वैश्विक गीता पाठ, दीपोत्सव, तीर्थ सम्मेलन और नगर शोभायात्रा भी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी।