कुरुक्षेत्र। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में उच्च शिक्षा का अंतरराष्ट्रीयकरण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। आज ज्ञान, शोध, नवाचार और उद्यमिता की सीमाएं किसी एक देश तक सीमित नहीं रहीं। वैश्विक प्रतिस्पर्धा, नई तकनीकों और बहु सांस्कृतिक कार्य वातावरण के कारण विद्यार्थियों और शिक्षण संस्थानों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़ना अनिवार्य हो गया है। ये विचार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने एनईपी-2020 के तहत एआईयू के 30 विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधिमंडल के साथ जापान के शैक्षणिक दौरे से लौटने के बाद व्यक्त किए।
उन्होंने बताया कि यह शैक्षणिक दौरा 12 से 17 जनवरी के बीच आयोजित किया गया, जिसमें जापान की प्रमुख यूनिवर्सिटीज और शैक्षणिक संस्थानों के साथ व्यापक विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण से विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा, शोध, इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर मिलते हैं। साथ ही फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त शोध परियोजनाओं और संयुक्त डिग्री कार्यक्रमों के माध्यम से विश्वविद्यालयों की अकादमिक गुणवत्ता भी सुदृढ़ होती है। इससे विद्यार्थियों में वैश्विक सोच, सांस्कृतिक समझ और रोजगार योग्य कौशल का विकास होता है। दौरे के दौरान टोक्यो में यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो, जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जेट्रो), सोफिया यूनिवर्सिटी तथा जापान के शिक्षा, संस्कृति, खेल, विज्ञान एवं तकनीक मंत्रालय के साथ विभिन्न शैक्षणिक विषयों पर चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त जापान में भारत के राजदूत के साथ भी महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें भारत और जापान के बीच शैक्षणिक एवं औद्योगिक सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति बनी।
दौरे के अंतिम चरण में ओसाका शहर में इन विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। उल्लेखनीय है कि इन संस्थानों ने विश्व को लगभग 12 नोबेल पुरस्कार विजेता दिए हैं। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने कंसाइ यूनिवर्सिटी की अत्याधुनिक सेमी कंडक्टर लेबोरेटरी सहित अन्य शोध सुविधाओं का अवलोकन भी किया। प्रो. सचदेवा ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति में स्वच्छता, अनुशासन और समयबद्धता अहम भूमिका निभाते हैं। जापान में लोगों की अनुशासनप्रियता, स्वच्छता, उच्च सुरक्षा मानक और विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अत्यंत प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जापान से मिली सकारात्मक सीखों को भारतीय शिक्षा व्यवस्था में लागू करने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। संवाद
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विद्यार्थियों को प्राप्त होंगे ज्वाइंट डिग्री प्रोग्राम्स, शोध और इंटर्नशिप के अवसर
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने बताया कि इस दौरे के दौरान कंसाई यूनिवर्सिटी जापान के अंतर्गत ओसाका यूनिवर्सिटी, ओसाका मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी एवं क्योटो यूनिवर्सिटी के साथ एआईयू के वरिष्ठ नेतृत्व की उपस्थिति में एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते से भविष्य में विद्यार्थियों को ज्वाइंट डिग्री प्रोग्राम्स, उच्च स्तरीय शिक्षा, शोध, इंटर्नशिप और अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसके साथ क्योटो यूनिवर्सिटी ऑफ एडवांस साइंसेज के साथ इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग, विशेषकर मटेरियल साइंस और ऊर्जा क्षेत्र में संयुक्त शोध, फैकल्टी और छात्र आदान-प्रदान को लेकर गहन चर्चा की गई।