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अनुदेशकों ने काटा बवाल, सीएम ने बुलाया

Sun, 15 May 2016 12:34 AM IST
ब्यूरो/करनाल,अमर उजाला
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Instructors also organically harvested, called CM - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेशभर से शनिवार को सीएम सिटी पहुंचे करीब 1500 आईटीआई अनुदेशकों ने सरकार के दो फैसलों को वापस लेने और अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अनुदेशक जब ज्ञापन देने के लिए सीएम कैंप कार्यालय की तरफ बढ़ने लगे तो पुलिस ने उनको को अंबेडकर चौक के समीप पर रोक लिया। मौके पर ज्ञापन लेने पहुंचे एसडीएम अश्वनी मलिक को देख अनुदेशक भड़क गए।
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उन्होंने बिना सीएम से बात किए वापस जाने से मना कर दिया। करीब एक घंटे तक चली नारेबाजी की बाद ओएसडी ने शाम तक सीएम से बात करवाने का आश्वासन देकर अनुदेशकों को शांत किया।


हरियाणा राज्य औद्योगिक प्रशिक्षण तकनीकी कर्मचारी संघ और सर्व अनुबंध अनुदेशक संघ के आह्वान पर शनिवार को प्रदेशभर के आईटीआई अनुदेश कर्ण पार्क पहुंचे। वहां करीब दो घंटों की बैठक के बाद दोपहर करीब 12:30 बजे नारेबाजी करते हुए ज्ञापन देने के लिए सीएम कैंप कार्यालय की तरफ आगे बढ़े तो पुलिस ने अंबेडकर चौक के समीप ही ठंडी सड़क पर अनुदेशकों को आगे जाने से रोक दिया। इस पर सभी अनुदेशक  बेरीकेड के पास  बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
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करीब एक घंटे के प्रदर्शन के बाद ओएसडी अमरेंद्र सिंह ने एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत करने के लिए आमंत्रित किया।

अनुदेशकों ने बिना सीएम से बात किए धरना प्रदर्शन समाप्त करने से मना कर दिया। प्रशासन की तरफ से सकारात्मक जवाब न मिलने पर वे भड़क गए। उन्होंने बेरिके ड तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। मामला को उलझता देख ओएसडी ने बात करने के बाद अनुदेशकों को शाम के समय सीएम से बात करवाने को आश्वासन दिया। तब जाकर अनुदेशकों ने धरना समाप्त किया।


प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए आईटीआई एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष प्रवीण देशवाल ने कहा कि वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे आइटीआई में कार्यरत अनुदेशकों के ऊपर डाइंग कैडर के अनुदेशकों की वरिष्ठता में थोप दिया है। इसके अलावा हाल ही में अनुबंध के आधार पर कार्यरत दो अनुदेशकों की जगह पर दो नियमित अनुदेशकों का ट्रांसफर कर उनको बाहर का रास्ता दिखा दिया है।

उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ तो अनुबंध आधार पर कार्यरत अनुदेशकों को हटा रही है और दूसरी तरफ अनुबंध आधार पर अनुदेशकों की भर्ती करने का विज्ञापन जारी कर रही है।


प्रदेश में 10वीं कक्षा तक पढ़ाने वाले अध्यापकों का वेतन अनुदेशकों से वेतन से अधिक है, जबकि अनुदेशक उच्च शिक्षण संस्थानों में कार्यरत हैं। नियम के मुताबिक उच्च शिक्षण संस्थानों के अध्यापकों का वेतन अधिक होना चाहिए, लेकिन सरकार इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गई तो वे हड़ताल पर बैठेंगे।
- परमजीत धारीवाल, प्रदेशाध्यक्ष सर्व अनुबंध अनुदेशक संघ



जब विधायकों का वेतन भत्ता बढ़ाना होता है तो बिना किसी विलंब के बिल पारित कर देते हैं, लेकिन  बात जब कर्मचारियों के वेतन वृद्धि की होती तो उस समय प्रदेश के आय व खर्चों का हिसाब होना शुरू हो जाता है। अब जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करेगी तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
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- सुशीला, यूनियन सदस्य 
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