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Haryana: थाने में युवक की पिटाई, निर्वस्त्र कर गुप्तांग में डंडा डालने का आरोप, ASP और DSP को सौंपी जांच

Wed, 06 Aug 2025 07:58 PM IST
शाहिल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी कुरुक्षेत्र

सार

पीड़ित युवक की पत्नी ने एसपी को दी शिकायत में आरोप लगाए कि विवाद के चलते पड़ोसी ने पुलिस को बुलाया। डायल 112 की टीम उसके पति को रात के समय घसीटते हुए ईवीआर में बैठाकर थाने ले गई।
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crime - फोटो : freepik
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विस्तार
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थाने में एक विशेष समुदाय के युवक को पुलिस द्वारा अमानवीय तरीके से पीटने व गुप्तांग में डंडा डालकर यातना देने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक फिलहाल शहर के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन है। मामला पुलिस अधीक्षक तक पहुंचा तो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक व डीएसपी को जांच सौंप दी गई। 

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पीड़ित युवक की पत्नी ने एसपी को दी शिकायत में आरोप लगाए कि विवाद के चलते पड़ोसी ने पुलिस को बुलाया। डायल 112 की टीम उसके पति को रात के समय घसीटते हुए ईवीआर में बैठाकर थाने ले गई और उसे निर्वस्त्र करके अमानवीय तरीके से यातना दी गई। कहीं शिकायत न करने की भी धमकी दी। पुलिस ने कथित तौर पर व्यक्ति को निर्वस्त्र कर हाथ-पांव बांधे और डंडे व पट्टों से पिटाई की। पुलिसकर्मी ने पति के गुप्तांग में डंडा डाल दिया, जिससे गंभीर रक्त स्राव हुआ और वह बेहोश हो गया, जिसके बाद व्यक्ति को पिहोवा अस्पताल ले जाया गया। 

लगाए आरोप के अनुसार  वहां पर पुलिस वालों ने युवक को चिकित्सक के आगे मुंह खोलने पर नहर में डूबो कर मारने की धमकी दी और खाली कागजों पर हस्ताक्षर भी करवाए। अगले दिन सुबह पत्नी उसे लेने थाने पहुंची तो वह चल भी नहीं पा रहा था। युवक का आरोप है कि मारपीट के कारण उसकी बाजू टूट गई।  तीन अगस्त को वह पति का मेडिकल करवाने पहुंची तो चिकित्सकों ने उन्हें मना कर दिया और एक एफिडेविट जमा कराने के बाद मेडिकल किया। फिलहाल वह एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन है।

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कुत्तों के भौंकने से शुरू हुआ विवाद 

युवक की पत्नी ने बताया कि 30 जुलाई की रात को घर के पास कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनाई दी, जिस पर पति बाहर निकला और कुत्तों पर पत्थर फेंका। वह गलती से पड़ोसी की खिड़की पर जा लगा, जिससे शीशा टूट गया। मामले को देखते हुए पड़ोसी से माफी मांगी, लेकिन पड़ोसी ने इसकी शिकायत डायल-112 पर कर दी। इसके बाद पुलिस की एक टीम गांव पहुंची और युवक को हिरासत में ले लिया। 

एसपी बोले, कराई जा रही जांच

पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल का कहना है कि उत्पीड़न की शिकायत करने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतीक गहलोत व डीएसपी पिहोवा निर्मल सिंह को जांच सौंप दी है, जो पूरी तरह से निष्पक्ष होगी। 
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तीन दिन बाद कराया मेडिकल : एसएचओ

ईस्माइलाबाद थाना प्रभारी राजेश कुमार ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि 30 जुलाई को हंगामे की सूचना पर डायल-112 की टीम ने युवक को हिरासत में लिया था। युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 172 के तहत कार्रवाई की गई। अगले दिन शिकायतकर्ता और युवक के बीच समझौता होने पर उसे परिजनों को सौंप दिया गया। मारपीट या यातना जैसी कोई घटना नहीं हुई। छोड़े जाने के तीन दिन बाद उसका मेडिकल कराया गया तो चार दिन बाद शिकायत दी गई। आरोपी ने चार-पांच दिन पहले खुद को जलाने की कोशिश की थी।
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