कुत्तों के भौंकने से शुरू हुआ विवाद
युवक की पत्नी ने बताया कि 30 जुलाई की रात को घर के पास कुत्तों के भौंकने की आवाज सुनाई दी, जिस पर पति बाहर निकला और कुत्तों पर पत्थर फेंका। वह गलती से पड़ोसी की खिड़की पर जा लगा, जिससे शीशा टूट गया। मामले को देखते हुए पड़ोसी से माफी मांगी, लेकिन पड़ोसी ने इसकी शिकायत डायल-112 पर कर दी। इसके बाद पुलिस की एक टीम गांव पहुंची और युवक को हिरासत में ले लिया।
एसपी बोले, कराई जा रही जांच
पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल का कहना है कि उत्पीड़न की शिकायत करने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतीक गहलोत व डीएसपी पिहोवा निर्मल सिंह को जांच सौंप दी है, जो पूरी तरह से निष्पक्ष होगी।
तीन दिन बाद कराया मेडिकल : एसएचओ
ईस्माइलाबाद थाना प्रभारी राजेश कुमार ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि 30 जुलाई को हंगामे की सूचना पर डायल-112 की टीम ने युवक को हिरासत में लिया था। युवक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 172 के तहत कार्रवाई की गई। अगले दिन शिकायतकर्ता और युवक के बीच समझौता होने पर उसे परिजनों को सौंप दिया गया। मारपीट या यातना जैसी कोई घटना नहीं हुई। छोड़े जाने के तीन दिन बाद उसका मेडिकल कराया गया तो चार दिन बाद शिकायत दी गई। आरोपी ने चार-पांच दिन पहले खुद को जलाने की कोशिश की थी।