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भारत अपने संस्कारों और विश्व कल्याण की भावना से दुनिया को दिखा रहा सही दिशा : ढांडा

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कुरुक्षेत्र। कार्यक्रम में हिस्सा लेते कार्यकर्ता। संवाद
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के श्रीमद्भगवद्गीता ऑडिटोरियम में भारत विकास परिषद, उत्तर क्षेत्र-दो के तत्वावधान में और हरियाणा उत्तर प्रांत के आतिथ्य में अमृत मंथन क्षेत्रीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन रविवार को किया गया। इसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने भारतीय संस्कृति को विश्व कल्याण का मार्गदर्शक बताया। उन्होंने कहा कि जब कई विकसित देश अपनी ताकत का गलत उपयोग कर रहे हैं, वहीं भारत अपने संस्कारों और विश्व कल्याण की भावना से दुनिया को सही दिशा दिखा रहा है।
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उन्होंने कहा कि हवन, यज्ञ और पूजा-पाठ में विश्व शांति का संदेश निहित है और यही भारत विकास परिषद की भावना भी है। समाज में फैली कुरीतियों, विषमताओं और बुराइयों को दूर कर समरसता स्थापित करना परिषद का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने परिषद के पांच सूत्र संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा और समर्पण को भारत को उन्नत एवं एकसूत्र में बांधने का आधार बताया।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे एकता, समरसता और राष्ट्रहित को अपने जीवन व्यवहार में उतारें ताकि किसी भी चुनौती का सामना मजबूती से किया जा सके। सम्मेलन से पूर्व ऑडिटोरियम परिसर में समाज सेवा कार्यों से संबंधित प्रदर्शनी लगाई गई। इसका उद्घाटन शिक्षा मंत्री ढांडा ने किया। उन्होंने कहा कि समाज सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं हो सकती। परिषद के कार्यकर्ता समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सेवा पहुंचाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। सम्मेलन में अतिथियों की ओर से आत्म मंथन विषय पर आधारित स्मारिका का विमोचन भी किया गया। वंदे मातरम् के सामूहिक गायन ने वातावरण को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। परिषद के विभिन्न प्रांतों से आए पदाधिकारियों, शाखा अध्यक्षों, सचिवों व कार्यकर्ताओं ने उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम को भव्य बना दिया। इस मौके पर समाजसेवी विजय कंसल, दीपक बंसल, राकेश शर्मा, जियालाल बंसल, दीपक राय आनंद, जेआर भट्ट, विक्रांत खंडेलवाल, डॉ. ममता सचदेवा, बलजीत चावला, प्रो. परमेश कुमार, प्रो. दीपक राय बब्बर सहित सैकड़ों पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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निस्वार्थ सेवा ही सच्ची सेवा : सुरेश जैन
भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुरेश जैन ने कहा कि निस्वार्थ भाव से मानव सेवा करना ही सच्ची सेवा है। परिषद हर वर्ष 10 जरूरतमंद परिवारों को शिक्षा, स्वरोजगार और नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाती है। उन्होंने कहा कि समाज में संवेदना, दया और सेवा का भाव ही संस्कार है और जहां संस्कार हैं वहां भ्रष्टाचार नहीं पनप सकता। सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए उन्होंने सभी आयोजकों और स्वयंसेवकों का आभार जताया।
पांच सूत्रों पर आधारित सेवा यात्रा : परमजीत
उत्तर क्षेत्र-दो के अध्यक्ष डॉ. परमजीत पाहवा ने कहा कि आत्म मंथन कार्यक्रम पूरी तरह समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण को समर्पित है। यह परिषद के पांच सूत्रों पर केंद्रित है और इसी आधार पर विभिन्न प्रांतों में सेवा परियोजनाएं व जनकल्याणकारी अभियान संचालित किए जा रहे हैं।
राहुल को स्वयं प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता : ढांडा
सम्मेलन के बाद महिपाल ढांडा से राहुल गांधी के प्रशिक्षण शिविर में पहुंचने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने ठहाके के साथ कहा कि राहुल गांधी को स्वयं प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता है।
वेलोड्रम के लिए कटने वाले पेड़ों की जगह 50 हजार पौधे लगाएगा विश्वविद्यालय
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की जमीन पर प्रदेश का एकमात्र वेलोड्रम करीब 52 करोड़ की लागत से बनेगा। वेलोड्रम बनने वाले स्थान से पेड़ काटे जाएंगे, जिन पर कई छात्र और सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई है। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने इस विषय पर कहा कि किसी विकासात्मक परियोजना के लिए विभाग से अनुमति लेकर पेड़ काटना अनुचित नहीं है। काटे गए पेड़ों से अधिक संख्या में पौधे लगाना जरूरी है। विश्वविद्यालय ने करीब 14000 पेड़ काटने के बदले 50,000 पौधे लगाने का संकल्प लिया है।

कुरुक्षेत्र। कार्यक्रम में हिस्सा लेते कार्यकर्ता। संवाद

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