कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में धार्मिक और सांस्कृतिक तरीके से नव वर्ष को मनाने और उसके आगमन का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संस्थाओं ने नव वर्ष की पूर्व संध्या पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए, जिसमें भजन संध्या, कीर्तन, अर्द्ध चौकी, और खाटू श्याम कीर्तन प्रमुख रहे। शहर के प्रमुख मंदिरों और सामुदायिक स्थलों पर भक्तिभाव से ओतप्रोत कार्यक्रम आयोजित किए गए। भजन संध्या में कलाकारों ने भगवान की महिमा का गुणगान कर नव वर्ष का स्वागत किया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो गया। कई स्थानों पर खाटू श्याम भजन कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने रातभर भजनों का आनंद लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं, जिसमें नृत्य और संगीत ने दर्शकों का मन मोह लिया तथा झांकियां प्रस्तुत की गईं।
उधर, ब्रह्मसरोवर, शक्तिपीठ श्री देवीकूप मां भद्रकाली मंदिर, दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर, स्थानेश्वर महादेव मंदिर, कालेश्वर महादेव मंदिर, दुर्गा मंदिर, गुरुद्वारा साहिब सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर जाकर श्रद्धालुओं ने नव वर्ष मंगलमय के लिए कामना की। धार्मिक कार्यक्रमों में लोगों की बढ़ती रुचि दर्शाती रही है कि आधुनिकता के बीच भी भारतीय संस्कृति और परंपराओं का महत्व बना हुआ है। वहीं, आयोजकों ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष प्रबंध किए, जिसमें प्रसाद वितरण, भजन पुस्तिकाएं और ध्यान सत्र शामिल रहे। ऐसे आयोजनों से न केवल सांस्कृतिक मूल्यों को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि समाज में एकता और शांति का संदेश भी फैलता है। लोगों ने नव वर्ष पर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और अपने जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भरने का संकल्प लिया। वहीं दूसरी ओर रातभर होटल व मॉल बुक रहे, जहां जश्न का माहौल रहा।