कुरुक्षेत्र। कृषि शक्ति नमो ड्रोन दीदी योजना कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की एक प्रमुख पहल मानी जा रही है जिसका उद्देश्य ड्रोन आधारित छिड़काव सेवा के माध्यम से महिला सशक्तीकरण और उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग को बढ़ावा देना है।
इस योजना के तहत प्रशिक्षित महिलाओं जिन्हें ड्रोन दीदी कहा जाएगा, को किसानों को ड्रोन आधारित उर्वरक और कीटनाशक सेवाएं प्रदान करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह योजना टिकाऊ कृषि, कुशल इनपुट उपयोग और कृषि सेवा वितरण में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डाॅ. कर्मचंद ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ड्रोन संचालन के माध्यम से कृषि क्षेत्र में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना, परिशुद्ध तकनीकी अपनाकर उर्वरकों और कीटनाशकों का विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करना है, पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए नैनो उर्वरकों के उपयोग और लोकप्रिय को प्रोत्साहित करना, कृषि रसायनों के अत्यधिक एवं अवैज्ञानिक उपयोग को कम करना, ड्रोन दीदी को वित्तीय सहायता प्रदान और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान करना और समय पर व एक समान इनपुट आवेदन सुनिश्चित करके किसानों के लिए उत्पादकता और लाभ प्रदाता में सुधार करना है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत कुरुक्षेत्र में दो ड्रोन दीदियों को चार हजार एकड़ का लक्ष्य आवंटित किया गया है। दृश्या कंपनी के अनुसार ड्रोन चलाने की कुल लागत 250 से 300 रुपये प्रति एकड़ स्प्रे के लिए आती है।
उन्होंने सुझाव दिया है कि प्रति एकड़/स्प्रे 400 रुपये की राशि तय की जा सकती है। ड्रोन दीदी को छिड़काव कार्य के लिए 250 रुपये प्रति एकड़/स्प्रे वित्तीय सहायता विभाग की ओर से प्रदान की जाएगी और शेष 150 रुपये प्रति एकड़ की राशि किसान की ओर से वहन की जाएगी। यह प्रणाली इच्छुक ड्रोन दीदियों को उनके क्षेत्र के पंजीकृत किसानों का काम सौंपेगी।