कुरुक्षेत्र। मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों को अपनाने के लिए किसानों को अब आठ हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जो पहले सात हजार रुपये प्रति एकड़ थी। इतना ही नहीं किसानों को सहकारी बैंकों से जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर फसली ऋण उपलब्ध करवाया जाता है।
उपायुक्त नेहा सिंह ने कहा कि हरको बैंक व अन्य सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को फसली ऋण सात प्रतिशत की ब्याज दर पर दिया जाता है, परंतु यह ब्याज की राशि चार प्रतिशत प्रदेश सरकार द्वारा तथा तीन प्रतिशत केंद्र सरकार द्वारा वहन की जाती है।
उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के माध्यम से सब्सिडी देकर टपकन व फव्वारा सिंचाई प्रणाली को अपनाएं। उपायुक्त ने कहा कि यह योजना खासतौर पर भूजल के संरक्षण और उसकी सस्टेनबिलिटी के लिए बनाई गई है, ताकि आने वाली पीढिय़ों के लिए जल संकट को रोका जा सके। इस योजना के तहत सरकार ने किसानों को जल संरक्षण के उपायों से अवगत कराया और विभिन्न जल संवर्धन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। संवाद