कुरुक्षेत्र। राजेंद्र नगर स्थित श्री अद्वैत स्वरूप अनंत आश्रम नंगली वाली कुटिया में संत प्रकाश पुरी व संत अगम पुरी जी के आशीर्वाद से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। कलश यात्रा रेलवे रोड, न्यू कॉलोनी, अमीन रोड होते हुए वापस मंदिर परिसर में पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु पीत वस्त्र पहनकर व सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। इससे पूर्व कथा स्थल पर हवन पूजन किया गया। कथा का शुभारंभ करते हुए कथा व्यास संत वेदांत पुरी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा, ऐसी कथा है, जो जीवन के उद्देश्य एवं दिशा को दर्शाती है। इसलिए जहां भी भागवत कथा होती है, इसे सुनने मात्र से वहां का संपूर्ण क्षेत्र दुष्ट प्रवृत्तियों से खत्म होकर सकारात्मक ऊर्जा से सशक्त हो जाता है।
उन्होंने कहा कि कथा की सार्थकता तभी सिद्ध होती है, जब इसे हम अपने जीवन और व्यवहार में धारण करें। श्रीमद्भागवत कथा के श्रावण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक व आध्यात्मिक विकास होता है। मंच का संचालन चंद्र प्रकाश धमीजा ने किया। इस मौके पर आश्रम के संत निर्विकार पुरी, आत्म विभोर पुरी, सन्त सनातन पुरी, संत सहज पुरी, संत त्रिलोक पुरी, संत वीणा पुरी, संत यथार्थ पुरी, आश्रम के प्रवक्ता महात्मा दिव्यानन्द आदि मौजूद रहे।