कुरुक्षेत्र। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सीजेएम नीतिका भारद्वाज ने कहा कि किसी शिकायतकर्ता की यदि कोई पुलिस अधिकारी शिकायत लिखने या जांच करने से मना करे, तो घटना की जानकारी सीधे मैजिस्ट्रेट को दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में मैजिस्ट्रेट पुलिस को संबंधित मामले की जांच करने के आदेश देंगे या फिर वे स्वयं भी इसकी जांच कर सकते हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान ब्रह्मसरोवर पर स्थापित किए गए स्टॉलों पर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
सीजेएम ने बताया कि किसी भी अपराध की रिपोर्ट लिखना पुलिस का कर्तव्य है। शिकायतकर्ता महिला होने पर महिला पुलिस की ओर से ही उसकी दी गई शिकायत दर्ज की जाएगी और यदि शिकायतकर्ता पीड़ित मानसिक रोगी है तो उसको थाने में भी आने की जरूरत नहीं है, पुलिस उसके घर जाकर ही उसकी शिकायत दर्ज करेगी। ऐसी स्थिति में जब सूचना पुलिस को दर्ज करवाई जाएगी तो उसकी वीडियो बनाना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता प्रथम सूचना रिपोर्ट की हॉर्ड कॉपी संबंधित थाने से नि:शुल्क प्राप्त कर सकता है। किसी भी अपराध के घटने के बाद पुलिस के पास जाकर उस अपराध की जानकारी या रिपोर्ट को कानूनी भाषा में प्रथम सूचना रिपोर्ट कहा जाता है।