हरियाणा के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अमित आर्य ने कहा कि हिंदी भाषा
के विकास के लिए हिंदी भाषा को रोजगार के साथ जोड़ना होगा।
वे सोमवार को
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
विभाग, यूनिवर्सिटी कॉलेज हिंदी विभाग एवं जनसंचार एवं मीडिया
प्रौद्योगिकी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी के विकास में मीडिया
का योगदान विषय पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि के
रूप में बोल रहे थे।
आर्य ने कहा कि हमें अपनी भाषा पर गर्व होना चाहिए।
भाषा को लेकर हमारी सोच ही उसके विकास में सबसे बड़ी बाधक हैं।
नेशनल
बुक ट्रस्ट के अध्यक्ष बलदेव भाई शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में बोलते
हुए कहा है कि देश में 95 करोड़ से अधिक लोग हिंदी में व्यवहार करते हैं।
लोग जिस भाषा में सबसे अधिक व्यवहार करते हैं व्यवहार ही किसी भाषा के
विकास की सबसे बड़ी पहचान है।
उन्होंने कहा कि हिंदी आज एक ऐसी भाषा है जो
दुनिया में इतने बड़े स्तर पर बोली व समझी जाती है। उन्होंने कहा कि मीडिया
ने हिंदी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दुनियाभर में आज
भारतीय फिल्में व टेलीविजन कार्यक्रम देखे जाते हैं। इससे भी दुनिया में
हिंदी का प्रचार-प्रसार हुआ है। सोशल मीडिया, इंटरनेट व मोबाइल के कारण आज
युवा पीढ़ी इस भाषा का सबसे अधिक प्रयोग कर रही है।
देश को जोड़ने वाली भाषा है हिंदी
कार्यक्रम
की अध्यक्षता करते हुए केयू के कुलपति हरदीप कुमार ने कहा कि 1949 में
संविधान में हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया।
हिंदी आज देशभर में आम
बोलचाल की भाषा है। आज 78 प्रतिशत लोग हिंदी का प्रयोग कर रहे हैं। आज यह
भाषा कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश को जोड़ने वाली भाषा है। हिंदी के
विस्तार में मीडिया की अहम भूमिका है।
बुल्गारिया में भी पढ़ाई जा रही है हिंदी
संगोष्ठी
के विशिष्ट अतिथि बुल्गारिया के राजदूत पैटको डोयकोव ने कहा कि भारत व
बुल्गारिया के रिश्तों को प्रगाढ़ बनाने में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका
है।
बुल्गारिया के कई विश्वविद्यालयों में आज हिंदी को लेकर कई पाठ्यक्रम
चलाए जा रहे हैं व भारत में भी बुल्गारिया एंबेसी के सहयोग से कई कार्यक्रम
चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय कला एवं संस्कृति में दुनियाभर के
लोगों की रुचि है और वे इसे जानने समझने के लिए हिंदी भाषा को जान रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वे जल्द ही कला, संस्कृति व इंडोलोजी, संगीत सहित कई अन्य
क्षेत्रों में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के साथ समझौते की संभावनाओं की
तलाश करेंगे।
इस मौके पर पत्रिका देस हरियाणा का विमोचन भी किया गया। इस
अवसर पर बुल्गारिया दूतावास की सचिव मेलेना निकोलोवा, शोधार्थी अन्टोनिया
टेरपेसेवा, क्रिस्टिना टूडोरोवा, जनसंचार संस्थान के निदेशक प्रो. एसएस
बूरा, संगीत एवं नृत्य विभाग की अध्यक्ष प्रो. शुचिस्मिता, डॉ. अनिल
गुप्ता, डॉ. विवेक चावला सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी मौजूद रहे।
भारत व बुल्गारिया के संबंधों पर विशेष प्रदर्शनी
संगोष्ठी
के तहत भारत व बुल्गारिया के संबंधों पर विशेष प्रदर्शनी लगाई गई।
प्रदर्शनी में भारत व बुल्गारिया के बीच पिछले 60 वर्षों के संबंधों को
चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। यह प्रदर्शनी दर्शकों के लिए
विशेष आकर्षण का केंद्र रही।