प्रकाश आयोग की सार्वजनिक की गई रिपोर्ट में अपना नाम आने से सांसद राजकुमार सैनी न केवल हैरान है बल्कि उन्होंने आयोग पर ही सवाल उठा दिए। उन्होंने आयोग को एक जाति विशेष से प्रभावित होने के आरोप लगाए तो वहीं उनकी ओर से किसी के खिलाफ एवं दंगे भड़काने वाला एक भी शब्द साबित होने पर राजनीति से सन्यास लेने का भी ऐलान किया। अपने निवास पर पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए बुधवार को सांसद सैनी ने कहा कि आयोग की रिपोर्ट में उन पर दंगे भड़काने के आरोप लगाए है, लेकिन ये आरोप सरासर गलत व बेबुनियाद है। उन्होंने पिछले एक वर्ष के दौरान एक भी शब्द ऐसा नहीं बोला है, जिससे किसी समाज के किसी भी व्यक्ति की भावना को ठेस पहुंची हो। दंगे भड़काना तो बहुत दूर की बात है। ये अलग है कि उनकी बातों को एक जाति विशेष के लोगों को तोड़-मरोड़ कर प्रदेश सरकार से लेकर प्रधानमंत्री तक पेश किया, लेकिन सच्चाई का सामना करने के लिए वह हर समय तैयार है। सांसद ने कहा कि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में उनका नाम लिया है, लेकिन एक बार झ्भी उनसे पूछताछ व संपर्क करने तक का भी प्रयास नहीं किया गया।
आयोग ने सिर्फ वही दिखाई दिए जबकि एक जाति समुदाय की अगुवाई कर रहे अनेकों लोग खुले तौर पर भड़काउ भाषण व ब्यानबाजी करते रहे। उनके खिलाफ कई-कई बार अदालतों से गिरफ्तारी वारंट भी जारी हुए, वह दिखाई नहीं दिए। इन लोगों को न प्रकाश आयोग ने प्रमुखता से लिया और न ही ये लोग पुलिस को दिखाई दे रहे है। आयोग पर जाति विशेष दबाव इसलिए भी दिखाई पड़ रहा है कि राज्य से लेकर केंद्र सरकार में मंत्री व दूसरे नेता, जिन्होंने खुले तौर पर आपत्ति वाले ब्यान दिए है, उनके नाम तक का आयोग ने जिक्र नहीं किया है। उन्होंने कहा कि वह आयोग का भरपूर सम्मान करते है, लेकिन रिपोर्ट किस प्रकार से तैयार की गई और उनका नाम कैसे शामिल किया गया, यह देख वह हैरान है। आयोग की रिपोर्ट में नाम आने पर अभी उन्हें सरकार व पार्टी की ओर से कोई बात नहीं की गई है, लेकिन उन पर कार्रवाई की बात आई तो वह इसका स्पष्टीकरण अवश्य ही मांगेंगे। इसके बाद अगला कदम उठाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह भाजपा कार्यकर्ता अवश्य है, लेकिन किसी के गुलाम नहीं है। उन्होंने समाज के कमजोर वर्ग के हितों की रक्षा करने के लिए प्रयास किया है और इसके लिए वह अपना संघर्ष जारी रखेंगे। पूर्व विधायक रोशन लाल आर्य पर दर्ज मामलों को झूठा बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार को गिरफतार करना है तो एक जाति विशेष के उन लोगों को गिरफतार करके दिखाएं, जो अदालत की भी लगातार अवमानना कर रहे है। बार-बार वारंट जारी होने के बावजूद वह रास्ते व रेलवे ट्रैक रोकते रहे और मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाते रहे।
आर-पार की लड़ाई के लिए लोकतंत्र सुरक्षा मंच तैयार
सांसद सैनी ने कहा कि भविष्य में पहले की तरह ही कमजोर वर्ग के हितों पर कुठाराघात किया गया तो लोकतंत्र सुरक्षा मंच आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार है। वह अपने हकों को बचाने के लिए लगातार संर्घष करेंगे। इसके लिए उन्हें चाहे किसी भी प्रकार का त्याग क्यों न करना पड़े।
फिर से दंगो में झूलस सकता है प्रदेश
सांसद सैनी ने कहा कि पिछले दिनों प्रदेश में जो दंगे हुए है और जिन अधिकारियों की भूमिका इसमें रही है। वही अधिकारी अभी भी प्रदेश में किसी न किसी स्तर पर तैनात है। ऐसे अधिकारी फिर से ऐसी भूमिका निभा सकते है, जबकि एक जाति विशेष के लोग भी सरकार पर पहले की तरह दबाव बनाने का प्रयास कर रहे है। ऐसे हालात में प्रदेश फिर से दंगो से झूलस सकता है। समय रहते प्रदेश सरकार को पूरी तरह से सचेत रहना चाहिए तथा कानून की सख्ती भी बरतनी चाहिए।