कुरुक्षेत्र। फसल अवशेष जलाने को लेकर अगर पुलिस ने एक भी किसान को गिरफ्तार करने का काम किया तो संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान संबंधित थाने पहुंचकर सामूहिक गिरफ्तारी देंगे। सरकार ने किसानों पर की जाने वाली कार्रवाई बंद नहीं की और दर्ज मामले वापस नहीं लिए तो कड़ा आंदोलन चलाया जाएगा। यह एलान मंगलवार को पिपली के ताऊ देवीलाल पार्क में आयोजित हुई एसकेएम की पंचायत में चर्चा के बाद मुख्यमंत्री आवास पर धरने के दौरान किया गया।
किसान नेता रत्नमान, सुरेश कौथ व दर्शन पाल के नेतृत्व में किसानों ने पहले पार्क में करीब दाे घंटे तक किसानों की मांगों को लेकर विस्तार से चर्चा की तो फिर पैदल मार्च निकालते हुए मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे, जहां पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग किए जाने व भारी पुलिस बल के चलते किसानों ने बीच सड़क जिंदल चौक के पास ही धरना शुरू कर दिया। करीब डेढ़ घंटा तक धरना जारी रखा तो किसानों ने प्रदेश व केंद्र सरकार को जमकर घेरा।
किसानों ने लोकसभा व विधानसभा चुनाव के दौरान से लेकर अब तक फसल अवशेष से संबंधित दर्ज किए गए मुकदमे रद्द करने, डीएपी की आपूर्ति बढ़ा किसानों को खाद उपलब्ध करवाने, फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को 5000 रुपये प्रति एकड़ देने समेत अन्य मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के कार्यालय प्रभारी कैलाश सैनी को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने यह भी एलान किया कि 10 से 15 नवंबर को सभी जिलों में संयुक्त मोर्चा की जिला स्तरीय बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिसमें गांवों में पंचायतें करने की योजना बनाई जाएगी। 26 नवंबर को सभी जिला मुख्यालयों पर चेतावनी रैलियां आयोजित की जाएंगी।