कुरुक्षेत्र। बगिया में पानी देती अंशिका। स्वयं
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मेरी बगिया में गुलाब की खुशबू, गेंदे की रंगत और रात की रानी की सौंधी महक है। तुलसी का पौधा हर सुबह जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भर देता है। छत पर और आंगन में मेरी इस बगिया को मैंने सिर्फ शौक नहीं, एक जिम्मेदारी समझकर सजाया है। खिलौनों की तरह पौधों की देखभाल और प्यार करती हूं।
बगिया में अमरूद, नींबू, पपीता और अंगूर जैसे फलदार पौधे लगाए हैं। ये न केवल ताजे फल देते हैं बल्कि वातावरण को भी शुद्ध करते हैं। स्कूल से आने के बाद शाम को बगिया में पानी देना, पौधों को देखकर मुस्कुराना, समय-समय पर देसी खाद डालना और कटाई-छंटाई करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा है। यह एक ऐसी आदत बन गई है जो तन और मन दोनों को सुकून देती है।
- अंशिका, थानेसर निवासी