शहर में अलग अलग साहित्य मंचों की काव्य गोष्ठियों का आयोजन किया गया। गीत गजलों और कविताओं से यह साहित्यिक महफिलें रोशन रही। रविवार को सुबह दस बजे कलमकार मंच की ओर से केयू के अंबेडकर स्टडी सेंटर में पहली गोष्ठी हुई। जबकि दूसरी गोष्ठी शाम पांच बजे सेक्टर सात स्थित जिमखाना क्लब में सार्थक साहित्यक मंच ने आयोजित की।
अंबेडकर स्टडी सेंटर में हुई गोष्ठी की अध्यक्षता कपिल भारद्वाज ने की। इस गोष्ठी में कवि डॉ. जसबीर सिंह ने अपनी गजल काश ऐसा हो जाता, यही कहते हैं सभी, बीते वक्त से जाने क्यों रहता है सबको मलाल.., सुनाई। इसके बाद कवि शैलेंद्र ने बादलों ने सहेजा मुझे हवाओं में मैं पला, मुझे दरिया ना बनाओ मैं कतरा ही भला ... सुनाकर दाद बटोरी। इसी तरह कवित्री शिवाली ने मैंने अब उम्मीदों से जीना सीख लिया..., संदीप वर्मा ने मेरी ख्वाइश है के वो नूर बने किसी महल का, वो तस्वीर बने और में दीवार बनूं..., सुनाई।
इनके अलावा कवि बलवान, कवि शिव किरमच, योगेश, जितेंद्र, सुधीर अत्री, सुशील हरियाणवीं, साहिल दहिया सहित कई लोगों ने अपनी रचनाएं सुनाई। डॉ. जसबीर ने बताया कि अगली गोष्ठी 11 जून को शाम पांच बजे होगी। इसी तरह जिमखाना क्लब में सार्थक साहित्य मंच की ओर से आयोजित गोष्ठी में भी जमकर साहित्य की बरसात हुई।
गोष्ठी का संचालन मंच की सचिव गायत्री कौशल ने किया। मेहर धीमान की मेजबानी में हुई गोष्ठी में डॉ. शकुंतला शर्मा, कविता रोहिल्ला, गायत्री आर्य, चंद्रमोहन सिंगला, डॉ. संजीव कुमार अंजुम, विनोद धवन, रोहताष, लक्ष्मीकांत शर्मा, सूबे सिंह सुजान, डॉ. बलवान डॉ. पीडीएस कौशल सहित कई साहित्यकारों ने गीत, गजल और कविताएं पेश की।